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केवल राजनीति करने बंगाल आये अमित शाह

Updated at : 01 Jun 2025 11:12 PM (IST)
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केवल राजनीति करने बंगाल आये अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री पर तृणमूल का पलटवार, कहा

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केंद्रीय गृह मंत्री पर तृणमूल का पलटवार, कहा पहलगाम में आतंकी हमले का जिक्र करते हुए गृह मंत्री के इस्तीफे की भी मांग कोलकाता. केंद्रीय गृह मंत्री व भाजपा नेता अमित शाह ने रविवार को महानगर में पार्टी की सभा को संबोधित किया, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व उनके नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की सरकार की जमकर आलोचना की. उन्होंने दावा किया कि अगले साल राज्य विधानसभा चुनाव में बंगाल से तृणमूल की सरकार को उखाड़ फेंकेंगे. उन्होंने तृणमूल सुप्रीमो बनर्जी पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की आलोचना करने का भी आरोप लगाया. शाह के आरोप के बाद तृणमूल ने भी पलटवार किया है. इस दिन तृणमूल भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्य की मंत्री व तृणमूल नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य, डॉ काकोली घोष दस्तीदार व सागरिका घोष ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री बंगाल में केवल राजनीति करने आये हैं. राजनीतिक कार्यक्रम में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करके भाजपा नेता राजनीति करने से भी नहीं चूक रहे. तृणमूल ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए गृह मंत्रालय पर विफलता का आरोप लगाते हुए श्री शाह के इस्तीफे की मांग भी की. चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा : श्री शाह ने रविवार को ‘जमाई षष्ठी’ वाले दिन कोलकाता में सभा की. यह सभा नेताजी इंडोर स्टेडियम में हुई, जो राज्य सरकार का एक ऑडिटोरियम है. सवाल यह है कि अगर तृणमूल गुजरात व अन्य भाजपा शासित राज्यों में जाकर सभा की अनुमति मांगती, तो क्या उसे अनुमति मिल जाती? वह यहां इसलिए आये हैं, क्योंकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लोकतंत्र में विश्वास रखती हैं. वह (श्री शाह) कह रहे हैं कि यदि चुनाव में हिंसा नहीं हुई, तो हमारी (तृणमूल की) जमानत जब्त हो जायेगी. क्या मतलब है कि जमानत जब्त कर ली जायेगी? चुनाव कौन कराता है? निर्वाचन आयोग या कोई और. यदि, चुनाव के दौरान हिंसा होती है, तो इसका जिम्मेदार कौन है? किसकी व्यर्थता है? भाजपा चुनाव में अशांति पैदा करने की कोशिश कर रही है. चंद्रिमा भट्टाचार्य ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर श्री शाह द्वारा लगाये गये आरोप का भी जिक्र किया और कहा तृणमूल ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर कभी भी आलोचना नहीं की है और न ही उनकी पार्टी सुप्रीमो ने. मैं भाजपा नेताओं के सिंदूर की राजनीति करने के तरीके का विरोध करती हूं. कोई भी इसलिए वोट नहीं देता, क्योंकि वह मुसलमान है. एक नागरिक के रूप में मतदान करता है. सच तो यह है कि सांसद व हमारी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने देश के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनकर देश की बात की, एक स्वर में बात की. वैश्विक मंच पर सांसद बनर्जी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के पक्ष में और आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को स्पष्ट किया. ऐसे समय में भाजपा नेता देश में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का राजनीतिक गलियारे में जिक्र कर एक तरह से महिलाओं के ‘सिंदूर’ का अपमान कर रहे हैं. वे ‘ऑपरेशन बंगाल’ की बात कर रहे हैं. क्या वह जबर्दस्ती करने की कोशिश कर रहे हैं, चुनाव आयोग का इस्तेमाल करके. उन्होंने बकाया फंड का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि अभी भी राज्य को बकाये की करीब 1.75 लाख करोड़ की राशि केंद्र से नहीं मिल पायी है, जो राज्य के आम लोगों का है. सिंदूर बेचने आये हैं शाह : काकोली घोष दस्तीदार सांसद डॉ काकोली घोष दस्तीदार ने कहा : वह (श्री शाह) सिंदूर बेचने आये हैं. सिंदूर महिलाओं का गौरव हैं. आप किस तरह का सपना देख रहे हैं? क्या आप 2026 में सत्ता में आयेंगे? तृणमूल 250 से अधिक सीटों के साथ सत्ता में आ रही है. वह महिलाओं का ‘पवित्र सिंदूर’ राजनीतिक बाजार में बेच रहे हैं. वह ‘सिंदूर’ से न खेलें और न ही ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर राजनीति करें. आरजी कर घटना (जूनियर महिला चिकित्सक से दुष्कर्म व हत्या की घटना) का जिक्र कर रहे हैं, तो उन्हें यह जान लेना चाहिए कि घटना के आरोपी को राज्य की पुलिस ने ही गिरफ्तार किया है. उन्नाव व हाथरस में महिलाओं व युवतियों पर हुए अत्याचार को लेकर क्या कहेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANDIP TIWARI

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By SANDIP TIWARI

SANDIP TIWARI is a contributor at Prabhat Khabar.

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