बारासात.
उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा में परिवर्तन जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष ने तृणमूल सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश बनाने की कोशिश की जा रही है. देश में सबसे अधिक घुसपैठिये बंगाल में ही हैं और इस पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश बनाने की कोशिश की जा रही है. लेकिन इसे बांग्लादेश होने नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि पूरे देश में एसआइआर हो रहा है. एसआइआर के जरिये वोटर का शुद्धिकरण का काम चल रहा है, इससे कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए और कहीं कोई दिक्कत नहीं है. लेकिन यहां सबसे अधिक चिंता ममता बनर्जी को ही है, क्योंकि ममता बनर्जी के ही भवानीपुर विधानसभा केंद्र से साढ़े 44 हजार लोगों के नाम कटे हैं. मंत्री फिरहाद हकीम के विधानसभा क्षेत्र से 66 हजार लोगों के नाम कटे हैं. इसी तरह से कई विधानसभा क्षेत्रों से नाम कटे हैं, जिसके सहारे ही तृणमूल के नेता चुनाव जीतते आ रहे थे. पहले फेज में 58 लाख लोगों का नाम कटा है. एक करोड़ 38 लाख लोगों को हियरिंग किया गया है, जिनके दस्तावेजों में कमियां पायी गयी हैं. इसमें कुछ नाम कटेंगे, इसलिए ममता बनर्जी डर गयी हैं. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से घुसपैठिये यहां आकर रह रहे है और वे लोग फर्जी तरीके से यहां के वोटर कार्ड आइडी बनाकर देश के अन्य हिस्सों में भी जा रहे हैं और पाकिस्तान के उग्रपंथियों से मिलकर देश के आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों में देना होगा. यहां भाजपा को जीतना होगा. यहां डबल इंजन वाली सरकार की जरूरत है. उन्होंने कहा कि केंद्र से विभिन्न योजनाओं के पैसे आ रहे हैं, लेकिन उनका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है. बंगाल में केंद्र की योजनाओं के रुपये लूट न हों, इसलिए यहां परिवर्तन चाहिए. उन्होंने कहा कि यहां की स्थिति यह है कि स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं. अस्पताल में डॉक्टर नहीं हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

