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रूफटॉप रेस्टोरेंट के खिलाफ कार्रवाई पर लगायी रोक

Updated at : 06 May 2025 1:36 AM (IST)
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रूफटॉप रेस्टोरेंट के खिलाफ कार्रवाई पर लगायी रोक

कोलकाता नगर निगम (केएमसी) की ओर से रूफटॉप रेस्टोरेंट के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच कलकत्ता हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला दिया है.

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कलकत्ता हाइकोर्ट से कोलकाता नगर निगम को मिला बड़ा झटका

एक रेस्टोरेंट मालिक ने केएमसी की कार्रवाई के खिलाफ दायर की थी याचिका

संवाददाता, कोलकाताकोलकाता नगर निगम (केएमसी) की ओर से रूफटॉप रेस्टोरेंट के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच कलकत्ता हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला दिया है. सोमवार को इससे संबंधित एक मामले की सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट के न्यायाधीश गौरांग कांत ने केएमसी द्वारा की जा रही कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है और कहा है कि जब तक मामले में अदालत का फैसला नहीं आ जाता, तब तक निगम कोई कार्रवाई या तोड़फोड़ नहीं कर सकता. कलकत्ता हाइकोर्ट ने केएमसी द्वारा की जा रही तोड़फोड़ पर अंतरिम रोक लगाते हुए पार्क स्ट्रीट स्थित एक प्रसिद्ध रूफटॉप रेस्टोरेंट को राहत प्रदान की है. यह आदेश रेस्टोरेंट मालिक की याचिका पर सुनवाई के दौरान आया, जिसमें मालिक ने आरोप लगाया कि दो और तीन मई को बिना किसी उचित कानूनी आदेश के केएमसी ने उनके रेस्टोरेंट में तोड़फोड़ की. गौरतलब है कि यह कार्रवाई 29 अप्रैल को मध्य कोलकाता के बड़ाबाजार इलाके में स्थित एक होटल में लगी भीषण अग्निकांड के बाद की गयी, जिसमें 15 लोगों की मौत हुई थी. न्यायमूर्ति गौरांग कांत ने मामले की अगली सुनवाई तक (गुरुवार) केएमसी को किसी भी तरह की आगे की तोड़फोड़ करने से रोक दिया है.

नोटिस ””स्टॉप-वर्क”” का, तो फिर तोड़फोड़ करना उचित नहीं

हाइकोर्ट ने केएमसी से कहा कि वह अगली सुनवाई में बताये कि उसने किस कानूनी प्रावधान के तहत यह कार्रवाई शुरू की है. याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि रेस्टोरेंट को केवल ‘स्टॉप-वर्क’ नोटिस दिया गया था, फिर अचानक वहां तोड़फोड़ क्यों की गयी. उन्होंने यह भी कहा कि रेस्टारेंट के पास वैध फायर और ट्रेड लाइसेंस मौजूद हैं. छत पर बने ढांचे के नियमितीकरण के लिए केएमसी में आवेदन लंबित है. सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति गाैरांग कांत ने कहा कि चूंकि रेस्टाेरेंट मालिक ने ढांचे के नियमितीकरण के लिए आवेदन किया है, इससे स्पष्ट होता है कि वह निर्माण अवैध है. हालांकि कोर्ट ने इस बात से सहमति जतायी कि केवल ‘स्टॉप-वर्क’ नोटिस के आधार पर तोड़फोड़ करना उचित नहीं था.

क्या कहना है रेस्टारेंट मालिक का

रेस्टोरेंट मालिक का कहना है कि उनके पास छत पर रेस्टोरेंट चलाने की पूरी अनुमति है, फिर भी निगम बिना किसी पूर्व सूचना के रेस्टोरेंट को तोड़ने की कार्रवाई कर रहा है. मालिक के अनुसार, अचानक हुई इस कार्रवाई से उनका कारोबार ठप होने की कगार पर पहुंच गया है और सैकड़ों कर्मचारियों के रोजगार पर भी खतरा मंडरा रहा है. उल्लेखनीय है कि हाल ही में बड़ाबाजार इलाके के एक होटल में भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि किसी भी इमारत की सीढ़ी या छत पर व्यवसाय नहीं चलाया जायेगा और इन हिस्सों को खाली रखना अनिवार्य होगा, ताकि आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी सुनिश्चित हो सके. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी. शनिवार को 83 रूफटॉप रेस्टोरेंट को नोटिस जारी कर तत्काल बंद करने का आदेश दिया गया. केएमसी ने चेतावनी दी है कि आदेश का पालन न करने पर रेस्टारेंट को तोड़ दिया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AKHILESH KUMAR SINGH

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