मेरूदंड विहीन है बंगाल के बुद्धिजीवी : दिलीप घोष
Author Prabhat khabar digital desk
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।। अजय विद्यार्थी ।। कोलकाता : प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व विधायक दिलीप घोष ने नोबल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के संबंध में दिये गये अपने बयान पर अड़े रहे. सोमवार को अपने बयान को सटीक करार देते हुए कहा कि बंगाल के बुद्धिजीवी मेरुदंडविहीन है. बंगाल की शिक्षा व शिक्षा व्यवस्था की हालत बदतर […]
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।। अजय विद्यार्थी ।।
कोलकाता : प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व विधायक दिलीप घोष ने नोबल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के संबंध में दिये गये अपने बयान पर अड़े रहे. सोमवार को अपने बयान को सटीक करार देते हुए कहा कि बंगाल के बुद्धिजीवी मेरुदंडविहीन है. बंगाल की शिक्षा व शिक्षा व्यवस्था की हालत बदतर होते जा रहे हैं, लेकिन बंगाल के बुद्धिजीवी चुप हैं. कोई आवाज नहीं उठा रहा है. कोई कुछ भी नहीं कह रहे हैं. अपनी सुविधा के लिए पहले वामपंथियों के पक्ष में लाल चोला पहन लिये थे और अब तृणमूल की शिविर में शामिल हो गये हैं.
श्री घोष ने कहा कि बंगाल के शिक्षण संस्थानों में मारपीट हो रही है. विद्यार्थी सरस्वती पूजा नहीं कर पा रहे हैं. सरस्वती पूजा करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. दुर्गापूजा विसर्जन के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ता है. बंगाल से अब आइएएस व आइपीएस ऑफिसर नहीं बन रहे हैं.
शिक्षा व्यवस्था की हालत जर्जर है. बुद्धिजीवी मेरुदंडविहीन हो गये हैं. किसी खास राजनीतिक दल के लिए पुरस्कार लेते हैं और किसी खास राजनीतिक दल के लिए पुरस्कार का परित्याग करते हैं. कभी ‘दादा’ तो कभी ‘दीदी’ की खुशामदी करते हैं. उनके द्वारा निकाले गये जुलूस में शामिल होते हैं. उनकी अमर्त्य सेन से कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, लेकिन वह एक प्रख्यात बंगाली अर्थशास्त्री हैं. उन्हें दु:ख है कि अगर ऐसे लोग आज की स्थिति को लेकर चुप रहेंगे, तो क्या भविष्य में बंगाल में कोई अमर्त्य सेन या जगदीशचंद्र बोस बन पायेगा. ये ‘पेटुआ’ बुद्धिजीवी हैंं. समाज ने उन्हें इतना दिया है, लेकिन वे अपने दायित्व का पालन नहीं कर रहे हैं.
विपक्षी दलों ने दिलीप घोष के बयान की एक सुर में निंदा की
विपक्षी दलों ने श्री घोष के अमर्त्य सेन पर दिये गये बयान की कड़ी निंदा की. माकपा विधायक दल के नेता सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि श्री घोष का बयान विधानसभा के लिए लज्जा है. उनके खिलाफ सर्वदलीय सिद्धांत लेकर स्थगन प्रस्ताव लाकर निंदा करनी चाहिए और विधानसभा को अमर्त्य सेन से माफी मांगनी चाहिए. कांग्रेस विधायक दल के उपनेता नेपाल महतो ने कहा कि श्री घोष का बयान निंदनीय है तथा इस बयान से खिलाफ विधानसभा में सर्वदलीय निंदा प्रस्ताव पारित किया जाये.
बंगाल की संस्कृति पर व्रजाघात : मानस
पूर्व मंत्री व वरिष्ठ विधायक मानस रंजन भुइयां ने श्री घोष के बयान को गंभीर करार देते हुए बंगाल की संस्कृति के लिए व्रजाघात करार दिया. उन्होंने कहा कि भाजपा नेता के बयान से वह आहत और दुखी हैं. इस तरह के बयान का तीव्र विरोध होना चाहिए. भाजपा सदा ही घृणा की राजनीति की है, लेकिन उन्हें दुख है कि पश्चिम मेदिनीपुर जिला का एक विधायक इस तरह का बयान दे रहा है. इससे जिला, बंगाल और देश का सिर शर्म से झुक गया है.
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