गंगासागर पहुंचने लगे तीर्थयात्री, आउट्राम घाट में सड़कों का निर्माण कार्य अब भी अधूरा
Author Prabhat khabar digital desk
Updated:
विज्ञापन

श्रीकांत शर्मा, कोलकाता : गंगासागर में पुण्य स्नान के लिए बंगाल आनेवाले लाखों तीर्थयात्रियों को सागर द्वीप पहुंचने से पहले कोलकाता में पड़नेवाला पहला पड़ाव गंगासागर सेवाग्राम (आउट्राम घाट) एक बार फिर आकार लेने लगा है. सेवा शिविरों के बनाने का काम तेजी से चल रहा है. कई स्वयंसेवी संस्थाएं तो रोजाना अपनी बैठक कर […]
विज्ञापन
श्रीकांत शर्मा, कोलकाता : गंगासागर में पुण्य स्नान के लिए बंगाल आनेवाले लाखों तीर्थयात्रियों को सागर द्वीप पहुंचने से पहले कोलकाता में पड़नेवाला पहला पड़ाव गंगासागर सेवाग्राम (आउट्राम घाट) एक बार फिर आकार लेने लगा है. सेवा शिविरों के बनाने का काम तेजी से चल रहा है. कई स्वयंसेवी संस्थाएं तो रोजाना अपनी बैठक कर रही हैं. इसके साथ ही पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग (पीएचई) व कोलकाता नगर निगम के अधिकारियों के कैंप भी स्थापित हो चुके हैं.
पीएचई और केएमसी के अधिकारी दिनभर यहां तैनात हैं. इसके साथ ही गंगासागर संयुक्त समिति के अध्यक्ष तारकनाथ त्रिवेदी व सचिव भरत मिश्रा के साथ बैठक कर स्वयंसेवी संस्थाएं सेवाकार्यों को बेहतर से बेहतर करने पर कार्य कर रही हैं.सूत्रों के अनुसार इस वर्ष आउट्राम घाट के सेवाग्राम में एक हजार से ज्यादा शौचालय बनवाये गये हैं.
पीएचई विभाग ने इस वर्ष सेवाग्राम में नये तरह के बायो टॉयलेट भी लगवाये हैं. इसके साथ ही पीने के पानी के लिए कई बोरिंग भी कराये गये हैं. पूरे सेवाग्राम में बिजली की विशेष व्यवस्था की गयी है. आउट्राम घाट स्थित सेवाग्राम में लगनेवाले 53 स्वयंसेवी संस्थाओं के शिविरों में से ज्यादातर का कार्य लगभग पूरा हो चुका है. कई संस्थाओं ने आठ जनवरी को सेवा शिविर का उद्घाटन करने की घोषणा की है.
सड़कों पर पसरा है कचड़ा
वैसे तो गंगासागर सेवाग्राम (आउट्राम घाट) में यात्री सुविधा का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन कमी यही है कि अभी भी सड़कों पर कीचड़ भरा है. सड़कों पर कई स्थानों पर गड्ढे अभी भी देखा जा सकता है. यदि वर्षा आगे भी हुई तो यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
कई स्थानों पर तीर्थयात्री फिसल कर गिर भी जा रहे हैं. मकर संक्रांति पर्व में अभी एक सप्ताह से ज्यादा समय है, लेकिन तीर्थयात्रियों का गंगासागर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है. ऐसे में सेवाग्राम (आउट्राम घाट) पहुंचनेवाले यात्रियों को कीचड़ भरे सड़कों पर चलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
गंगासागर संयुक्त समिति के अध्यक्ष तारकनाथ त्रिवेदी से इस संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि एक-एक कर सारा काम पूरा हो जायेगा. सड़कों के संबंध में भी मेला प्रशासन से बात हुई है और उम्मीद है कि गंगासागर सेवाग्राम की सड़क का मरम्मत कार्य जल्द हो जायेगा.
मेले को आउट्राम घाट नहीं, गंगासागर सेवाग्राम से करें संबोधित
कोलकाता. गंगासागर संयुक्त समिति ने तीर्थयात्रियों के साथ सभी स्वयंसेवी संस्थाओं से आग्रह किया कि वह आउट्राम घाट के शिविर को गंगासागर सेवा ग्राम कह कर संबोधित करें. यह नाम सभी 53 स्वयंसेवी संस्थाओं को अपनी एक पहचान दिलाता है. इस नाम से तीर्थयात्रियों को भी स्थान की पहचान करने में सुविधा होगी.
सिर छिपाने को टीन शेड मिला, पर वह भी फूटा हुआ
गंगासागर जाने के लिए बाबूघाट के आउट्राम घाट में देश के विभिन्न कोने से आये श्रद्धालु व साधु-संत महानगर में पिछले दिनों हुई बारिश से काफी परेशान हुए. बारिश के कारण उनके बिस्तर से लेकर कपड़े तक भीग गये. छत्तीसगढ़ से आये स्वामी परमेश्वरानंद कहते हैं कि हर बार वे बांस से किसी तरह कुटिया बना कर रहते थे, इस वर्ष सरकार की तरफ से टीन शेड बना कर दिया गया है. परेशानी की बात तो यह है कि टीन शेड में भी छेद होने के कारण अब ओश की बूंदें बिस्तर गीला कर रही हैं.
टीन शेड के अंदर अपने कुटिये में भी वह चैन से ध्यान साधना नहीं कर पा रहे हैं. कुछ प्लास्टिक की मदद लेकर इसे रोकने की कोशिश की गयी, लेकिन हवा इतनी तेज चल रही है कि प्लास्टिक भी ठीक से ओश की बूंदें रोक नहीं पा रही. आसपास से जो भी सरकारी अधिकारी गुजरते हैं, वे सभी सिर्फ आश्वासन देकर निकल जा रहे हैं. परेशानी का आलम यह है कि उन्हें ठंड में ठिठुर कर समय गुजारना पड़ रहा है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










