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असहमति जताने के शालीन तरीके सीखें

Updated at : 21 Oct 2019 7:14 AM (IST)
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असहमति जताने के शालीन तरीके सीखें

कोलकाता : राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने रविवार को कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संविधान का सुनहरा उपहार है और इसके लिए किसी भी तरह की असहिष्णुता देश के लोकतांत्रिक ताने बाने को नष्ट कर सकती है. धनखड़ की यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल कांग्रेस प्रवक्ता समन्वय बनर्जी की गिरफ्तारी के बाद आयी है. तृणमूल कांग्रेस सरकार […]

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कोलकाता : राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने रविवार को कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संविधान का सुनहरा उपहार है और इसके लिए किसी भी तरह की असहिष्णुता देश के लोकतांत्रिक ताने बाने को नष्ट कर सकती है. धनखड़ की यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल कांग्रेस प्रवक्ता समन्वय बनर्जी की गिरफ्तारी के बाद आयी है.

तृणमूल कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सोशल मीडिया पर कथित रूप से आलोचना करने के बाद समन्वय बनर्जी के खिलाफ यह कार्रवाई की गयी थी. राज्यपाल का तृणमूल कांग्रेस सरकार के साथ उस वक्त से टकराव चल रहा है, जब उन्होंने केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो को यहां यादवपुर विश्वविद्यालय के आंदोलनकारी छात्रों के घेराव से बचाया था.
राज्यपाल ने किसी भी मुद्दे पर असहमति के लिए ‘शिष्ट तरीके’ अपनाने की अपील की है. राज्यपाल ने किसी का नाम लिये बिना कहा कि अपने विचारों की अभिव्यक्ति संविधान का एक सुनहरा उपहार है और किसी भी रूप में इसकी असहिष्णुता लोकतंत्र के लिए विनाशकारी है. आइये, एक दूसरे से असहमति जताने के सभ्य तरीके सीखें. संगठित ढांचा वाले तंत्र द्वारा असहिष्णुता बहुत ही चिंताजनक है.
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में 30 जुलाई को पदभार संभालने वाले धनखड़ ने पिछले महीने सुप्रियो को यादवपुर विश्वविद्यालय में आंदोलनकारी छात्रों के एक वर्ग से बचाया था, जिन्होंने केंद्रीय मंत्री को एबीवीपी के एक कार्यक्रम में जाने से रोकने की कोशिश की थी. गुरुवार को समन्वय बनर्जी की गिरफ्तारी से बंगाल के सभी प्रमुख विपक्षी दलों में आक्रोश उत्पन्न हो गया. भाजपा के कुछ नेता उनके साथ एकजुटता जाहिर करने के लिए शनिवार को उनके आवास पर भी गये.
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस सरकार के कदम की निंदा की थी और कहा था कि समन्वय की गिरफ्तारी उच्च स्तर की असहिष्णुता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है. समन्वय को राज्य सरकार की आलोचना करने के लिए उनको घर से गिरफ्तार किया गया था.
श्री चौधरी ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर इस तरह का हमला हमें सरकार का विरोध करने से नहीं रोक सकता. हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर इस तरह के अलोकतांत्रिक हमले की निंदा करते हैं. तृणमूल कांग्रेस नेता व पश्चिम बंगाल विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक निर्मल घोष ने उनके आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि समन्वय को गिरफ्तार किया गया है, क्योंकि उनके खिलाफ कई आपराधिक आरोप हैं. इसका राज्य सरकार की आलोचना से कोई लेना देना नहीं है.
खुद कैंसर से पीड़ित होने के बावजूद मरीजों का इलाज करनेवाले डॉ आशीष मुखोपाध्याय को राज्यपाल ने दिया लाइफटाइम हीरो अवार्ड
कोलकाता. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से बीआइटीएम ऑडिटोरियम में आयोजित मेडेविजन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ आशीष मुखोपाध्याय को लाइफटाइम हीरो अवार्ड से सम्मानित किया.
गौरतलब है कि डॉ मुखोपाध्याय शहर के जानेमाने कैंसर रोग विशेषज्ञ हैं. लेकिन वह खुद कै‍ंसर के चौथे स्टेज से पीड़ित हैं. लेकिन कैंसर से जूझते हुए वह आज भी मरीजों की चिकित्सा कर रहे हैं, इसलिए उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया. उधर, राज्यपाल ने डॉ मुखोपाध्याय को उन्हें परिवार समेत राजभवन में आमंत्रित किया है.
राज्यपाल के डॉ मुखोपाध्याय ने जजबे को सलाम करते हुए कहा कि समाज को आप जैसे लोगों की जरूरत है. उन्होंने कहा कि चिकित्सा जगत में डॉ मुखोपाध्याय की भूमिका पर हमें गर्व है. डॉ मुखोपाध्याय को इस पुरस्कार से सम्मानित किये जाने को लेकर उन्होंने (एबीवीपी) की सराहना की. इस कार्यक्रम में डेंटल व एबीबीएस मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर, छात्र सहित चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े 300 लोगों ने हिस्सा लिया.
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