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भाजपा नेता मुकुल पर तृणमूल सांसद अभिषेक का तंज, कहा- यह चाणक्य ''मेड इन चाइना''

Updated at : 14 Jul 2019 7:51 AM (IST)
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भाजपा नेता मुकुल पर तृणमूल सांसद अभिषेक का तंज, कहा- यह चाणक्य ''मेड इन चाइना''

कोलकाता: हालीशहर के बाद अब कांचरापाड़ा नगरपालिका को तृणमूल कांग्रेस ने अपने कब्जे में लिया है. तृणमूल छोड़कर भाजपा में जानेवाले नौ पार्षद तृणमूल में वापस लौट आये हैं. इनमें कांचरापाड़ा नगरपालिका के चेयरमैन सुदामा राय और वाइस चेयरमैन माखन सिन्हा शामिल हैं. इनमें एक निर्दलीय पार्षद भी है. पार्टी में वापसी करनेवाले पार्षदों के […]

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कोलकाता: हालीशहर के बाद अब कांचरापाड़ा नगरपालिका को तृणमूल कांग्रेस ने अपने कब्जे में लिया है. तृणमूल छोड़कर भाजपा में जानेवाले नौ पार्षद तृणमूल में वापस लौट आये हैं. इनमें कांचरापाड़ा नगरपालिका के चेयरमैन सुदामा राय और वाइस चेयरमैन माखन सिन्हा शामिल हैं. इनमें एक निर्दलीय पार्षद भी है.

पार्टी में वापसी करनेवाले पार्षदों के साथ तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने संवाददाता सम्मेलन कर कांचरापाड़ा नगरपालिका को वापस कब्जे में लेने की घोषणा की. इससे पहले, गुरुवार को भाजपा से तृणमूल में कांचरापाड़ा के पांच पार्षद लौटे थे. शनिवार को और नौ पार्षद पार्टी में लौटे. कांचरापाड़ा के 24 वार्डों में तृणमूल पार्षदों की संख्या बढ़कर 19 हो गयी है, जो 13 के जादुई आंकड़े से काफी है. गत 23 मई को लोकसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद गत 28 मई को कांचरापाड़ा के उक्त पार्षद दिल्ली जाकर भाजपा में शामिल हुए थे. पार्षदों के वापस तृणमूल में शामिल होने पर मुकुल राय पर कटाक्ष करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मीडिया ने एक व्यक्ति को चाणक्य बताया था. नाम न लेते हुए मुकुल राय पर अभिषेक ने हमला करते हुए कहा कि मीडिया ने तो चाणक्य बताया था. लेकिन डेढ़ महीने बाद ही 14 पार्षद लौट आये. उनके नाम के आगे मेड इन चाइना लगाना चाहिए. यह चाणक्य मेड इन चाइना है.

107 तृणमूल विधायकों के मुकुल राय के साथ संपर्क रखने के दावे पर अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जो अपने मोहल्ले के पार्षदों को नहीं रोक पा रहा है, वह विधायकों को क्या संभालेंगे? उन्होंने कहा : कहते हैं कि घर में नहीं नून (नमक), बेटा है मिथुन.’ उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं का स्वभाव ही होता है झूठ बोलकर दिल्ली में अपना नंबर बढ़ाना. अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि जो भी भाजपा में गये थे, वे अपनी इच्छा से नहीं गये थे. उन्हें धमकी देकर, डराकर ले जाया गया था. जब उन्हें ले जाया गया था, तब राज्य में चुनावी आचार संहिता लागू थी. लगातार हिंसा फैलाकर तृणमूल नेताओं को भाजपा में शामिल होने के लिए बाध्य कराया गया था. ये सभी नेता वापस आना चाहते थे, इसलिए उन्हें वापस पार्टी में लिया गया है. उन्होंने आशा जतायी कि तृणमूल के जो भी नेता भाजपा में गये हैं, वे जल्द ही पार्टी में लौट आयेंगे.

दूसरी ओर, तृणमूल में पार्षदों के लौटने के संबंध में भाजपा सांसद अर्जुन सिंह ने कहा कि कितने पार्षद गये हैं, उन्हें नहीं पता. जब वह अविश्वास प्रस्ताव लायेंगे, तभी पता चल जायेगा कि कौन कहां है? इधर, कांचरापाड़ा के अलावा दक्षिण दिनाजपुर जिला परिषद के पार्टी छोड़ने वाले 10 सदस्यों में से तीन वापस तृणमूल में लौट आये हैं. लिहाजा 18 सदस्यीय परिषद के बोर्ड में 11 सदस्यों के साथ तृणमूल को फिर से बहुमत मिल गया है. लेकिन मुर्शिदाबाद के रघुनाथनगंज के जामुआ ग्राम पंचायत तृणमूल के हाथ से निकल गया. 16 सदस्यीय इस पंचायत के तृणमूल के नौ सदस्य भाजपा में शामिल हो गये हैं.

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