डॉक्टरों व सरकार की लड़ाई में इलाज को तरसते मरीज
Updated at : 17 Jun 2019 1:54 AM (IST)
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कोलकाता : डॉक्टरों की हड़ताल के बीच यदि कोई भुगत रहा है, तो वे हैं आमलोग. पिछले छह दिनों से जारी जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के कारण कई रोगी इलाज के अभाव में अपनी जान गंवा चुके हैं. राज्य के अस्पतालों में अन्य राज्यों बिहार, झारखंड के रोगी भी इलाज करने पहुंचे हैं. लेकिन सबसे […]
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कोलकाता : डॉक्टरों की हड़ताल के बीच यदि कोई भुगत रहा है, तो वे हैं आमलोग. पिछले छह दिनों से जारी जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के कारण कई रोगी इलाज के अभाव में अपनी जान गंवा चुके हैं. राज्य के अस्पतालों में अन्य राज्यों बिहार, झारखंड के रोगी भी इलाज करने पहुंचे हैं.
लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी तो उन विदेशी रोगियों व परिजनों को हो रही है, जो बांग्लादेश और नेपाल से इलाज के लिए बंगाल पहुंचे हैं. बांग्लादेश के खुलना के रहनेवाले असरफ काजी अपने भाई का इलाज कराने के लिए आरजी कर अस्पताल पहुंचे हैं. उनका भाई किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है. बीमार भाई को लेकर वह काफी दिनों से अस्पताल का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उसे बेड नहीं मिल रहा है.
इसी तरह की शिकायत झारखंड के जामताड़ा से इलाज के लिए अपनी बेटी को लेकर आरजी कर पहुंची रोमा सरकार ने की. उन्होंने बताया कि उसकी बेटी दिमागी बुखार से पीड़ित है. उसकी क्या गलती, लेकिन वह इलाज के लिए तड़प रही है. मेरे पास इतना पैसा नहीं कि मैं किसी प्राइवेट अस्पताल में बेटी इलाज करा पाऊं. चिकित्सकों व सरकार की लड़ाई में मेरी बेटी तिल-तिल तड़प रही है.
हावड़ा से आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में अपने इलाज के पहुंचे रंजन राय ने बताया कि आज डॉक्टरों ने सरकार के सामने बातचीत का प्रस्ताव रखा है. ऐसा लगता है कि मामला अब जल्द सुलझ जायेगा.
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