एबीवीपी ने 500 कॉलेजों में शाखाएं खोलने की घोषणा की

Updated at : 07 Jun 2019 5:21 AM (IST)
विज्ञापन
एबीवीपी ने 500 कॉलेजों में शाखाएं खोलने की घोषणा की

लोकसभा चुनाव में भाजपा की सफलता से उत्साहित एबीवीपी कोलकाता : लोकसभा चुनाव में भाजपा की सफलता से उत्साहित छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने राज्य के 500 कॉलेजों में अपनी शाखाएं खोलने की घोषणा की है. इसके साथ ही छात्र संसद चुनाव के दौरान सभी 827 कॉलेजों में चुनाव लड़ेगी. फिलहाल राज्य […]

विज्ञापन

लोकसभा चुनाव में भाजपा की सफलता से उत्साहित एबीवीपी

कोलकाता : लोकसभा चुनाव में भाजपा की सफलता से उत्साहित छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने राज्य के 500 कॉलेजों में अपनी शाखाएं खोलने की घोषणा की है. इसके साथ ही छात्र संसद चुनाव के दौरान सभी 827 कॉलेजों में चुनाव लड़ेगी.
फिलहाल राज्य के लगभग 250 कॉलेजों में एबीवीपी की शाखाएं हैं. गुरुवार को एबीवीपी के राज्य सचिव सप्तऋषि सरकार, उपाध्यक्ष सुबीर हाल्दार और संयुक्त सचिव सुरंजन सरकार, श्यामाश्री कर्मकार व मृणमय दास ने संवाददाता सम्मेलन में यह दावा किया.
श्री हाल्दार ने बताया कि अभी तक तृणमूल छात्र परिषद के अत्याचार के कारण उनके समर्थक छात्र संसद के चुनाव में मुकाबला भी नहीं कर पाते थे, लेकिन अब स्थिति बदल गयी है. इसके साथ ही श्री हाल्दार ने कहा कि नारी सशक्तिकरण पर जोर दिया जा रहा है. 10 हजार छात्राओं को स्वालंबी और सेल्फ डिफेंस के लिए प्रशिक्षित किया जायेगा.
उन्होंने कहा कि लंबे समय से कॉलेजों में चुनाव नहीं हो रहे हैं. उन्होंने तत्काल ही शिक्षण संस्थानों में छात्र संसद का चुनाव कराये जाने की मांग की. इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हुई है और कॉलेजों के दाखिले में अनैतिकता बरती जा रही है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola