आदिवासियों के प्रदर्शन से रेल-सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित

Updated at : 25 Sep 2018 2:39 AM (IST)
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आदिवासियों के प्रदर्शन से रेल-सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित

खड़गपुर/कोलकाता. अलचिकी और संथाली भाषा को सरकारी मान्यता देने सहित नौ मांगों को लेकर सोमवार सुबह से आदिवासी समुदाय के लोग सड़कों पर आ गये. यही नहीं, रेल पटरियों पर धरना देकर बैठ गये. उनके प्रदर्शन के कारण सड़क व रेल यातायात कई जिलों में बुरी तरह बाधित रहा. इसके चलते रेलवे ने 25 से […]

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खड़गपुर/कोलकाता. अलचिकी और संथाली भाषा को सरकारी मान्यता देने सहित नौ मांगों को लेकर सोमवार सुबह से आदिवासी समुदाय के लोग सड़कों पर आ गये. यही नहीं, रेल पटरियों पर धरना देकर बैठ गये. उनके प्रदर्शन के कारण सड़क व रेल यातायात कई जिलों में बुरी तरह बाधित रहा. इसके चलते रेलवे ने 25 से ज्यादा ट्रेनें रद्द कर दीं. कुछ ट्रेनें बदले मार्ग से चलायी गयीं. घंटों ट्रेनें जहां-तहां फंसी रहीं.
इस बीच, रेल अवरोध को लेकर सोमवार शाम यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा. गाड़ियों को रोकने जाने व परेशानी से क्षुब्ध यात्रियों ने बेलदा स्टेशन में तोड़फोड़ की तथा बुकिंग स्टेशन में आग लगा दी. हालात को काबू में करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने लाठीचार्ज किया और स्थिति को नियंत्रण में लाया. फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.
दक्षिण पूर्व रेलवे (दपूरे) के खड़गपुर मंडल में सोमवार को सुबह छह बजे से ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं. ‘भारत जकात माझी परगना महल’ के सदस्य बालीचक, नेकूसिनी, सालबनी, छातना और खेमाशुली जैसे कई स्टेशनों में पटरियों पर खड़े हो गये, जिससे ट्रेन की आवाजाही प्रभावित हुई. दपूरे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय घोष ने बताया कि खड़गपुर-हावड़ा, खड़गपुर-टाटानगर, खड़गपुर-भद्रक और खड़गपुर-आद्रा रेल खंडों के विभिन्न स्टेशनों पर कई मेल, एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनें रोक दी गयीं.
श्री घोष ने बताया कि प्रमुख स्टेशनों पर फंसे हुए यात्रियों के लिए पेयजल और खाने के इंतजाम किये गये. 12871 हावड़ा तीतलागढ़ इस्पात एक्सप्रेस मेचेदा तक ही गयी. 12872 तीतलागढ़ हावड़ा इस्पात एक्सप्रेस सोमवार को टाटानगर में ही रोक ली गयी और यह वापस बतौर 12871 टाटानगर से तीतलागढ़ जायेगी. 12821 हावड़ा पूरी धौली एक्सप्रेस को बेलदा में ही रोक दिया गया.
बेलदा और पूरी के बीच परिसेवा को रद्द रखा गया. 22857 सांतरागाछी- आनंद विहार एक्सप्रेस को उलबेड़िया में ही रोक दिया गया. उलबेड़िया और आनंद विहार के बीच परिसेवा को रद्द कर दिया गया. श्री घोष ने बताया कि करीब 50 ट्रेनें अभी भी रास्ते में खड़ी हैं. इसके अलावा झाड़ग्राम में छह नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग के खेमाशुली में सुबह छह बजे से पथावरोध भी शुरू हो गया.
झाड़ग्राम के अलावा दक्षिण दिनाजपुर, पुरुलिया, पूर्व बर्दवान, वीरभूम, हुगली, पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर और उत्तर दिनाजपुर में भी संगठन का आंदोलन देखने को मिला.
भारत जकात माझी परगना महल कर रहा आंदोलन
भारत जकात माझी परगना महल के रबीन टुडू ने कहा कि राज्य भर में सुबह छह बजे से उनका आंदोलन शुरू हुआ है. सरकार के सामने उन्होंने शिक्षा व आदिवासी समाज संबंधी कुछ मांगें रखी थीं. कई बार बातचीत होने पर भी कोई लाभ नहीं हुआ. लिहाजा मांगों को न माने जाने तक उनका यह आंदोलन चलेगा.
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