जेल से माओवादी कैदी ने आरटीआइ के जरिये मांगा जवाब
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :24 May 2018 4:25 AM (IST)
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कोलकाता : हाल ही में राज्यभर में भगाड़ में से मृत पशुओं के सड़े मांस की सप्लाई महानगर के होटल, रेस्तरां व दुकानों में सप्लाई किये जाने की खबर के सामने आने के बाद आम नागरिकों की तरह महानगर के जेलों में सजा काट रहे विचाराधीन कैदी भी चिंतित हैं. इस सिलसिले में अलीपुर सेंट्रल […]
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कोलकाता : हाल ही में राज्यभर में भगाड़ में से मृत पशुओं के सड़े मांस की सप्लाई महानगर के होटल, रेस्तरां व दुकानों में सप्लाई किये जाने की खबर के सामने आने के बाद आम नागरिकों की तरह महानगर के जेलों में सजा काट रहे विचाराधीन कैदी भी चिंतित हैं. इस सिलसिले में अलीपुर सेंट्रल जेल के एक माओवादी कैदी ने सूचना का अधिकार (अारटीआइ) के तहत जेल प्रबंधन को पत्र लिखकर कैदियों को जेलों में परोसे जानेवाले मांस से संबंधित कई सवाल के जवाब मांगे हैं.
जेल सूत्र बताते हैं कि भाकपा माओवादी संगठन पश्चिम बंगाल राज्य कमेटी सदस्य व पश्चिम मेदनीपुर-बाकुंड़ा-पुरुलिया-सरायकेला जोनल कमेटी के सचिव अर्नव दास उर्फ विक्रम नामक आरोपी को एके-47 के साथ गिरफ्तार किया था. तब से वह अलीपुर सेंट्रल में सजा काट रहा है.
विक्रम ने अलीपुर सेंट्रल जेल के जेल वेलफेयर अधिकारी अरिंदम घोष को आरटीआइ का पत्र भेजा है. जिसे जेल अधिकारी ने स्वीकार भी कर लिया है.
जेल सूत्र के मुताबिक आरटीआइ पत्र में इससे मिलते-जुलते सवालों के जवाब मांगे गये हैं.
1. जेल में कैदियों को कौन से पशु का मांस खाने में परोसा जाता है.
2. यह मांस कहां से लाया जाता है.
3: इस मांस की सप्लाई कौन करता है.
4. जेल में बाहर से आनेवाले मांस की जांच की कोई व्यवस्था है या नहीं.
5. जो मांस जेलों में कैदियों के लिए लाया जाता है, उसकी गुणवत्ता की जांच कहां होती है. इसका दायित्व किसी को दिया गया है या नहीं.
जेल सूत्र बताते हैं कि विक्रम ने आरटीआइ पत्र में जिन सवालों के जवाब मांगे हैं, उनके जवाब देने की तत्परता शुरू हो गयी है. इसमें से कुछ सवालों के जवाब मौजूद हैं. बाकी सवालों के जवाब को तलाशा जा रहा है. जल्द इन सवालों के जवाब दिये जायेंगे. जेल सूत्र बताते हैं कि अंग्रेजों के समय से ही जेल में लाने के पहले शरीर से चमड़ा हटाकर समूचे बकरी का मांस जेल में लाया जाता है.
वह जिस स्थिति में लाया जाता है, वह देखते ही स्पष्ट हो जाता है कि वह कितना शुद्ध व फ्रेस है. इसके बावजूद हाल ही में भगाड़ कांड के बाद जेल में ही स्लॉटर हाउस खोलने के लिए कोलकाता नगर निगम से अनुमति मांगी गयी है. अनुमति मिलने पर जेल में ही स्लॉटर हाउस से जेल के किचन में मांस की सप्लाई हो सकेगी. फिलहाल जल्द आरटीआइ का जवाब देने की तैयारी की जा रही है.
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