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सॉल्टलेक : मोबाइल फोन हैक कर जालसाजों ने क्रेडिट कार्ड से उड़ाये 1.7 करोड़ रुपये

Updated at : 24 Nov 2025 12:35 AM (IST)
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सॉल्टलेक : मोबाइल फोन हैक कर जालसाजों ने क्रेडिट कार्ड से उड़ाये 1.7 करोड़ रुपये

घटना को लेकर विधाननगर दक्षिण थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी है.

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कोलकाता. विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट अंतर्गत सॉल्टलेक सेक्टर थ्री के एचए ब्लॉक इलाके की एक महिला के मोबाइल फोन हैक कर जालसाजों ने 1.7 करोड़ रुपये उड़ा लिये हैं. घटना को लेकर विधाननगर दक्षिण थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी है. जानकारी के मुताबिक, सॉल्टलेक के एचए ब्लॉक की निवासी एक महिला ने शिकायत दर्ज करायी है कि उनका मोबाइल फोन हैक हो गया था. फिर क्रेडिट कार्ड से 1.7 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन हुए. उन्होंने अपने क्रेडिट कार्ड से कोई ट्रांजेक्शन नहीं किया है. उनके बिना इजाजत के ट्रांजेक्शन होते देखा तो वह दंग रह गयीं. फिर उन्होंने तुरंत पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करायी. प्राथमिक जांच में पता चला है कि ये ट्रांजेक्शन अमेजन पे, माइ जियो और स्वीगी जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किये गये हैं. महिला ने शिकायत में बताया है कि उनका मोबाइल फोन कथित तौर पर हैक हो गया था. उन्हें संदेह है कि इसी दौरान जालसाजों ने उनके क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल कर कई ट्रांजेक्शन किये हैं. पैसे कटने की जानकारी का उन्हें बाद में पता चला. पुलिस को संदेह है कि यह सिम स्वैप फ्रॉड का मामला हो सकता है, यह एक ऐसा तरीका है जिसमें जालसाज पीड़ित के सिम कार्ड की नकल करके उनकी फाइनेंशियल जानकारी हासिल कर लेते हैं. इस प्रक्रिया में जालसाज आपके फोन नंबर को अपने नियंत्रण वाले नये सिम कार्ड में स्थानांतरित करवा लेते हैं. ऐसा करने के लिए वे धोखाधड़ी तकनीकों का उपयोग करके आपके मोबाइल ऑपरेटर को धोखे में रखकर आपके नंबर पर सभी कॉल, मैसेज और वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) को इंटरसेप्ट करते हैं. इस तरह, वे आपके बैंक खाते, सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन खातों तक अनधिकृत पहुंच प्राप्त कर लेते हैं. पुलिस ने लोगों से कहा- रहें सतर्क विधाननगर दक्षिण थाने की पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है. पुलिस का कहना है कि लोगों को अपनी ऑनलाइन मौजूदगी को लेकर भी सतर्क रहने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी पर्सनल जानकारी शेयर करने से बचना चाहिए. वे सुरक्षा की एक और लेयर जोड़ने के लिए स्मार्टफोन पर मौजूद एडवांस्ड सिक्योरिटी फीचर, जैसे फिंगरप्रिंट स्कैनर और फेशियल रिकग्निशन का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. इसके अलावा एक न्यूमेरिकल पिन सेट करने से सिम स्वैप की कोशिश के मामले में बिना इजाजत के एक्सेस को रोका जा सकता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANDIP TIWARI

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By SANDIP TIWARI

SANDIP TIWARI is a contributor at Prabhat Khabar.

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