ePaper

कोर्ट ने शुभेंदु को दी राजभवन जाने की अनुमति

Updated at : 15 Jun 2024 1:16 AM (IST)
विज्ञापन
कोर्ट ने शुभेंदु को दी राजभवन जाने की अनुमति

कलकत्ता हाइकोर्ट की न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी को राजभवन जाकर राज्यपाल से मिलने की अनुमति दे दी.

विज्ञापन

मामले की सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाइकोर्ट की न्यायाधीश ने पूछा : क्या राज्यपाल ””नजरबंद”” हैं

संवाददाता, कोलकाता

कलकत्ता हाइकोर्ट की न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी को राजभवन जाकर राज्यपाल से मिलने की अनुमति दे दी. शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने आश्चर्य जताते हुए पूछा कि क्या राज्यपाल ””””””””नजरबंद”””””””” हैं. आखिर इस प्रकार की घटना क्यों हुई. शुभेंदु अधिकारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने कहा कि शुभेंदु अधिकारी चुनाव के बाद हुई हिंसा के कथित पीड़ितों के साथ सीवी आनंद बोस से मिलने के लिए राजभवन जा सकते हैं. लेकिन इसके लिए उन्हें एक बार फिर से राज्यपाल से मिलने की अनुमति लेनी होगी.

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव बाद भाजपा कार्यकर्ताओं पर कथित तौर पर हमले की घटनाएं हो रही हैं, जिसकी वजह से सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता अपने घर से भागे हुए हैं. इन प्रताड़ित भाजपा कार्यकर्ताओं को साथ लेकर गुरुवार को श्री अधिकारी राजभवन जाने वाले थे. लेकिन पुलिस ने उन्हें राजभवन में प्रवेश करने से रोक दिया था. इसके खिलाफ शुभेंदु अधिकारी ने अदालत का रुख करते हुए दावा किया था कि लिखित अनुमति के बावजूद पुलिस ने उन्हें गुरुवार को राजभवन में प्रवेश करने से रोक दिया. शुक्रवार को न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने निर्देश दिया कि विपक्ष के नेता राजभवन द्वारा दी गयी अनुमति के आधार पर लोकसभा चुनाव के बाद राज्य में हुई हिंसा से कथित रूप से प्रभावित लोगों के साथ राजभवन जा सकते हैं. सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने राज्य के महाधिवक्ता से पूछा कि क्या राज्यपाल ””””””””नजरबंद”””””””” हैं. न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने कहा कि जब ऐसा नहीं है, तो इन लोगों को राज्यपाल के कार्यालय से अनुमति मिलने के बावजूद उनसे मिलने की इजाजत क्यों नहीं दी गयी.

इस पर महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने अदालत के समक्ष कहा कि याचिकाकर्ताओं द्वारा लगाये गये आरोप सही नहीं हैं. उन्होंने दावा किया कि शुभेंदु अधिकारी के सचिव ने घटनास्थल पर पुलिस से संवाद नहीं किया, जैसा कि गुरुवार दोपहर राजभवन के बाहर घटनास्थल पर पहुंचने पर अनुरोध किया गया था.

शुभेंदु अधिकारी के वकील ने महाधिवक्ता की दलील का विरोध करते हुए दावा किया कि महाधिवक्ता को उनके अधिकारियों द्वारा उचित जानकारी नहीं दी गयी थी. इसके बाद किशोर दत्ता ने उच्च न्यायालय के समक्ष बताया कि राज्यपाल शुक्रवार को बड़ाबाजार में माहेश्वरी भवन गये और चुनाव बाद कथित हिंसा के पीड़ितों से मिले. अदालत ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को एक नया अनुरोध करना होगा और यदि राज्यपाल के कार्यालय से अनुमति मिलती है, तो वह राजभवन जा सकते हैं.

लेकिन जाने से पहले शुभेंदु अधिकारी को पुलिस को बताना होगा कि राजभवन ने कितने लोगों को मिलने की अनुमति दी है, कितने लोग राज्यपाल से मिलने जायेंगे. इसके अलावा न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने यह भी कहा कि अगर कार लेकर जायेंगे, तो पुलिस को यह भी बताना होगा कि कुल कितनी कारें राजभवन जायेंगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola