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कलकत्ता हाइकोर्ट ने फिर से पोस्टमार्टम का दिया आदेश

Updated at : 13 Jul 2024 1:53 AM (IST)
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कलकत्ता हाइकोर्ट ने फिर से पोस्टमार्टम का दिया आदेश

इसके अलावा, न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि पोस्टमार्टम के दौरान एक न्यायिक मजिस्ट्रेट मौजूद रहेंगे और पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करनी होगी.

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कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट की न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने शुक्रवार को ढोलाहाट के मृत युवक अबू सिद्दिकी हाल्दार के शव का दोबारा पोस्टमार्टम करने का आदेश दिया. न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने अपने आदेश में कहा कि शनिवार को याचिकाकर्ताओं की उपस्थिति में शव का दोबारा पोस्टमार्टम करना होगा. इसके अलावा, न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि पोस्टमार्टम के दौरान एक न्यायिक मजिस्ट्रेट मौजूद रहेंगे और पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करनी होगी. साथ ही विसरा को फॉरेंसिक जांच के लिए हैदराबाद भेजना होगा. मामले पर अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी.

न्यायाधीश ने कहा कि पारदर्शी, निष्पक्ष जांच और सुनवाई के लिए सभी जानकारी और सबूत तुरंत एकत्र किये जाने चाहिए. पुलिस अधीक्षक सुंदरवन सभी गवाहों और परिवार के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, ताकि उन्हें कोई खतरा न हो. कोर्ट के मुताबिक, उस थाने के आइसी मानस चट्टोपाध्याय को इस जांच का हिस्सा नहीं बनाया जा सकता.

अदालत ने कहा कि पहला शव परीक्षण डॉक्टर की मौजूदगी में किया गया. इस बात का कोई सबूत नहीं है. साथ ही शव परीक्षण के समय परिजन व मजिस्ट्रेट भी मौजूद नहीं थे. न्यायाधीश ने कहा कि पोस्टमार्टम की प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार, शव के विभिन्न हिस्सों में चोट के निशान थे, इसलिए न्यायाधीश ने शव का दोबारा पोस्टमार्टम करने का आदेश दिया.

क्या है मामला

गौरतलब है कि अबू सिद्दिकी हाल्दार को 30 जून को गहने चोरी के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया था. परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि उसे हिरासत में पीटा गया था, जो चार जुलाई को जिला अदालत में पेश होने पर दिखायी देनेवालीं चोटों से स्पष्ट था. उसे चार जुलाई को दक्षिण 24 परगना जिला अदालत ने जमानत पर रिहा किया था. इसके बाद उसे एक स्थानीय अस्पताल में भेजा गया, जहां प्रारंभिक इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गयी. लेकिन घर वापस आने पर उसकी स्थिति बिगड़ने लगी, तो उसे कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गयी थी.

न्यायाधीश अमृता सिन्हा की अदालत में होगी प्राथमिक स्कूल से संबंधित मामले की सुनवाई

कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट की न्यायाधीश अमृता सिन्हा की अदालत से पुलिस से संबंधित मामले हटा लिये गये हैं. गत 10 जून को रोस्टर में परिवर्तन कर न्यायाधीश सिन्हा के पास पुलिस से संबंधित मामले दिये गये थे. एक महीने के बाद अब फिर से इसमें बदलाव किया गया. न्यायाधीश सिन्हा अब प्राथमिक स्कूल से संबंधित मामले की सुनवाई करेंगी. हाइकोर्ट सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को यह फैसला हुआ. सोमवार से नयी कार्यसूची के मुताबिक सुनवाई होगी. जानकारी के मुताबिक न्यायाधीश राजशेखर मंथा हाल ही में सिंगल बेंच से डिविजन बेंच में गये हैं, इसलिए न्यायाधीशों की कार्यसूची में बदलाव किया गया है. अब तक प्राथमिक स्कूल से संबंधित मामला न्यायाधीश मंथा सुन रहे थे. अब इन मामलों की सुनवाई न्यायाधीश अमृता सिन्हा की अदालत में होगी. पुलिस से संबंधित मामले की सुनवाई अब न्यायाधीश राजर्षि भारद्वाज की अदालत में होगी.

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