कारखाना प्रबंधन के अधिकारी पर लगा आदिवासी महिला श्रमिकों को अशालीन प्रस्ताव देने का आरोप

Updated at : 30 Jan 2025 9:51 PM (IST)
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कारखाना प्रबंधन के अधिकारी पर लगा आदिवासी महिला श्रमिकों को अशालीन प्रस्ताव देने का आरोप

पश्चिम बर्दवान जिले के कांकसा थाना इलाके के पानागढ़ औद्योगिक अंचल के एक प्लाईवुड कारखाने के एक अधिकारी पर स्थानीय आदिवासी महिला श्रमिकों को काम पर रखने के लिए अशालीन प्रस्ताव देने और उसके राजी न होने पर काम से निकाल देने का आरोप लगा है.

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पानागढ़.

पश्चिम बर्दवान जिले के कांकसा थाना इलाके के पानागढ़ औद्योगिक अंचल के एक प्लाईवुड कारखाने के एक अधिकारी पर स्थानीय आदिवासी महिला श्रमिकों को काम पर रखने के लिए अशालीन प्रस्ताव देने और उसके राजी न होने पर काम से निकाल देने का आरोप लगा है. मामले के प्रकाश में आने के बाद उक्त इलाके के आदिवासी समुदाय के लोगों में घोर आक्रोश देखा गया. मामले को लेकर पीड़ित आदिवासी महिला श्रमिकों ने कांकसा थाने में शिकायत दर्ज करायी है.

पुलिस ने मामले की जांच कर उपयुक्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है. पीड़ित आदिवासी महिला श्रमिकों ने कहा कि उक्त प्लाईवुड कारखाना उनकी कृषि जमीन पर स्थापित है. कारखाने की नींव बनने के समय से वे लोग काम कर रहीं थीं. कारखाना स्थापित होने के बाद कुछ दिनों से उक्त कारखाने के एक अधिकारी द्वारा उन्हें अशालीन प्रस्ताव दिया गया और अपने बेडरूम में बुलाया गया. आरोप है कि इस शर्त को मानने से इनकार करने पर अधिकारी ने तीन आदिवासी महिला श्रमिकों को काम से निकाल दिया. इस घटना को लेकर गुरुवार को थाने में पीड़ित आदिवासी महिला श्रमिकों ने शिकायत की है.

घटना को लेकर माकपा नेता अब्दुल रहीम ने कहा कि आदिवासी समुदाय की भूमि पर कारखाना स्थापित हुआ है. उक्त प्लाईवुड कारखाना प्रबंधन के एक अधिकारी द्वारा आदिवासी महिला श्रमिकों को काम पर रखने के लिए अशालीन प्रस्ताव देने और नहीं मानने पर काम से निकाल देना जघन्य अपराध है. राज्य में महिलाओं के साथ इस तरह का उत्पीड़न प्रतिदिन हर संस्थान में देखा जा सकता है.

वे इस घटना की तीव्र निंदा करते है और दोषी कारखाना अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हैं. मामले को लेकर तृणमूल कांग्रेस की स्थानीय जिला परिषद सदस्य बैसाखी बनर्जी ने कहा कि इस तरह की हरकत का वे सख्त विरोध करते हैं. स्थानीय आदिवासी पीड़ित महिला श्रमिकों के साथ हैं. उक्त कारखाना प्रबंधन अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जरूरत है. मामले को लेकर कारखाना प्रबंधन की कोई टिप्पणी नहीं मिल पायी है.

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