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वंचितों के साथ सीटू ने किया बीडीओ कार्यालय का घेराव

Updated at : 09 Jun 2025 10:28 PM (IST)
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वंचितों के साथ सीटू ने किया बीडीओ कार्यालय का घेराव

बीडीओ कार्यालय परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था और उसने पूरे इलाके को घेर रखा था.

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नौ सूत्री मांगों पर सौंपा ज्ञापन

रानीगंज. सोमवार को रानीगंज में वंचित तबके के लोगों ने 100 दिन के काम, बेघरों को आवास योजना के तहत मकान, और भूमिहीनों को पट्टा सहित अपनी नौ मांगों को लेकर रानीगंज बीडीओ कार्यालय का घेराव किया. यह प्रदर्शन सीटू कृषक सभा, खेत मजदूर यूनियन, बस्ती उन्नयन समिति और सामाजिक न्याय मंच के संयुक्त आह्वान पर किया गया. प्रदर्शनकारियों ने कदमडांगा से लाल झंडा लेकर एक विशाल जुलूस निकाला, जो बीडीओ कार्यालय पहुंचा. बीडीओ कार्यालय परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था और उसने पूरे इलाके को घेर रखा था. प्रदर्शन के दौरान, पूर्णदास बनर्जी, हेमंत प्रभाकर और नारायण बाउरी के नेतृत्व में संगठनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बीडीओ को एक ज्ञापन सौंपा. इस प्रतिनिधिमंडल में पंचायत परियोजनाओं से वंचित पांच महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्होंने 4-‘ए’ फॉर्म भरकर 100 दिन के काम की मांग की. उन्होंने आवास योजना के तहत बने मकानों की सूची प्रकाशित करने की भी मांग की. विरोध-सभा में सीटू नेता सुप्रिय रॉय, मलय मंडल, ओम प्रकाश दुबे, निर्मल मुर्मू, संजय प्रमाणिक, महेंद्र नूनिया और हेमंत प्रभाकर ने अपनी बात रखी.वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर 100 दिनों के काम के लिए आवंटन में कटौती करने का आरोप लगाया. उन्होंने यह भी कहा कि तृणमूल सरकार ने 100 दिनों के काम का हिसाब नहीं दिया है, जिसके कारण काम बंद हो गया है.नेताओं ने दोनों सरकारों पर गरीब लोगों की नौकरी छीनने का आरोप लगाया.

वक्ताओं ने राज्य सरकार पर हर जगह चोरी और भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि “तृणमूल के चोर अब भाजपा के नेता हैं. ” उन्होंने पंचायतों को “वास्तु कबूतरों का घर ” बताया और आरोप लगाया कि तृणमूल चरम गुटबाजी कर रही है नेताओं ने कहा कि तृणमूल के पंचायत सदस्य किसानों के खाद, बीज और कृषि उपकरण आम लोगों को बेच रहे हैं. इसके अलावा, बटाईदारों के नाम बटाईदारों के रिकॉर्ड से हटाए जा रहे हैं और जमीन बेची जा रही है, जबकि गरीब लोगों के नाम राशन सूची से हटाए जा रहे हैं.

सभा में पूरे कोयलांचल में पेयजल संकट का मुद्दा भी उठाया गया. वक्ताओं ने आईसीडीएस और एसएसके शिक्षकों की नियुक्ति न होने पर भी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि बीडीओ को बुलाने के बाद भी कोई काम नहीं हो रहा है और स्थानीय प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है.नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो संघर्ष और तेज किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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