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कैट ने 'भारतीय सामान, मेरा अभिमान' नारों के साथ दीपावली में चीनी सामानों के बहिष्कार का किया आह्वान

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Bengal news : कंफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स के पश्चिम बंगाल चैप्टर के चैयरपर्सन सुभाष अग्रवाला.
Bengal news : कंफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स के पश्चिम बंगाल चैप्टर के चैयरपर्सन सुभाष अग्रवाला.
फाइल फोटो.

Bengal news, Asansol news : आसनसोल (पश्चिम बंगाल) : कंफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (Confederation of All India Traders- CAIT) के पश्चिम बंगाल चैप्टर के चैयरपर्सन सुभाष अग्रवाला (Subhash Agrawala) ने कहा कि इस बार फेस्टिवल सीजन में देश के लाखों स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों, निचले वर्ग के लोगों की कला, सोच और काम करने की शक्ति को कैट प्रोमोट कर चीनी बाजार को खत्म करने की दिशा में अपना कार्य शुरू किया है. दीपावली के इस मौके पर देशी वस्तुओं के लिए बाजार तैयार कर स्थानीय कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने का अभियान देश भर में कैट ने शुरू किया है.

कैट इस अभियान के जरिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के लोकल पर वोकल और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती से जमीनी स्तर पर लाना है. कैट ने 10 जून, 2020 से चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का आह्वान किया था, जिसको देश भर के सभी वर्गों का भारी समर्थन मिला है. इसके कारण ही इस वर्ष राखी और गणेश चतुर्थी के त्योहार पर लोगों ने पूर्ण रूप से चीनी सामान का बहिष्कार किया.

इसी कड़ी में कैट ने इस वर्ष की दीपावली को देसी दिवाली के रूप में मनाने का आह्वान किया है. दिवाली में पूजा और सजावट के लिए प्रयोग में होनेवाले भारतीय सामान का दिल्ली सहित देशभर में अधिक से अधिक उपयोग को लेकर एक विशेष अभियान शुरू किया है. चीन लगातार भारतीय त्योहारों पर अपनी पकड़ बनाने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रहा है. देश भर के व्यापारियों ने न केवल इन त्योहारों को, बल्कि देश के बाजार से भी चीनी निर्मित सामान से मुक्त कराने का संकल्प लेते हुए एक राष्ट्रीय अभियान 'भारतीय सामान, मेरा अभिमान' शुरू किया है. चीन फेस्टिवल सीजन में लगभग 40 हजार करोड़ का निर्यात भारत को करता है.

350 क्लस्टरों की कैट ने की पहचान

श्री अग्रवाला ने कहा कि इस वर्ष के फेस्टिवल सीजन में कैट ने दिल्ली सहित देश भर में लगभग 350 क्लस्टरों की पहचान की है, जो दिवाली के मौके पर पूजा और दुकान एवं घर सजाने का भारतीय सामान बनाते हैं. इन सामानों में भारत की प्राचीन परंपरा और संस्कृति दिखायी पड़ती है, जिनमें मिट्टी, क्ले से बने छोटे- बड़े दीये, कलात्मक रूप से पेंट किये गये दीये, द्वार पर सजाने वाली वंदनवार, लक्ष्मी के पैर, शुभ- लाभ के चिह्न, सजावटी झालर, सजावटी हैंगिंग, खादी से बने सजावटी सामान, मोती और बीड से बना सामान, मधुबनी और मैथिली पेंटिंग सहित अन्य अनेक प्रकार के सामान शामिल हैं. इस सामान से देश में पहली बार भारत की अद्भुत कला, संस्कृति एवं गौरवशाली परंपरा को संयुक्त रूप से दिखाई देगी.

300 वर्चुअल प्रदर्शनी कर सामानों को बेचने की तैयारी

श्री अग्रवाला ने कहा कि भारतीय कलाकरों के पास कला एवं विचार शक्ति तो है, लेकिन खरीदार नहीं हैं. कैट ने उनकी कला को चीनी वस्तुओं के बहिष्कार अभियान के साथ जोड़ कर इस वर्ष इन्हीं वस्तुओं से दिवाली सहित अन्य त्योहार देश भर में मनाये जाने का निश्चय किया है. इस अभियान से देश के उस निचले वर्ग को आत्मनिर्भर बनाया जा सकेगा, जिसको मजबूत करने की बहुत आवश्यकता है. संबंधित व्यापारी इन सामानों को उनसे बेहतर दामों पर खरीदेंगे और बहुत ही कम मुनाफा लेकर देश भर में बेचेंगे. कैट ने सभी व्यापारियों एवं अन्य लोगों से आग्रह किया है कि वो इन वस्तुओं की पीपीटी बनायें और उसे व्हाट्सएप एवं सोशल मीडिया के जरिये प्रचारित करें.

कैट ने सभी राज्यों के चैप्टर, स्थानीय व्यापारिक संगठन से जुड़े व्हाट्सएप ग्रुप एवं सोशल मीडिया के माध्यम इसका प्रचार करने की अपील की है. इस अभियान को कैट से संबंधित महिला व्यापारी नेताओं की देखरेख में चलाया जा रहा है. इन वस्तुओं को अधिक से अधिक फैलाने के लिए देश भर में लगभग 300 से अधिक वर्चुअल प्रदर्शनी भी लगानी शुरू की गयी है, जिन्हें इंटरनेट, फेसबुक और यूट्यूब के द्वारा देश भर में देखा जा सकेगा.

Posted By : Samir Ranjan.

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