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बंगाल सृष्टि के ऑफिस में जड़ा ताला व बंद कर दिया ओडिसी क्लब

Updated at : 13 Apr 2025 1:15 AM (IST)
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बंगाल सृष्टि के ऑफिस में जड़ा ताला व बंद कर दिया ओडिसी क्लब

अनुरक्षण शुल्क में एकतरफा वृद्धि पर सृष्टिनगर के बाशिंदों को आपत्ति

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बंगाल सृष्टि के स्थानीय प्रमुख को सूचित करने पर भी नहीं रहने से फूटा जनाक्रोश, भारी अनियमितताओं का लगा आरोप लोगों का आरोप, शुल्क फाइव स्टार का और सेवा लॉज जैसी, बैठक में ठोस निर्णय नहीं होने तक ऑफिस में लटकेगा ताला आसनसोल. शिल्पांचल का सबसे प्रतिष्ठित टाउनशिप सृष्टिनगर के नागरिकों ने रखरखाव और पेयजल शुल्क में एकतरफा वृद्धि के खिलाफ आंदोलन करते हुए शनिवार को प्रॉपर्टी मैनेजनेमेंट बंगाल सृष्टि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड के कार्यालय में ताला जड़ दिया और यहां स्थित ओडिसी क्लब को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया. स्थानीय निवासी डॉ. सोहाग बोस, रामाधार सिंह व अन्य ने आरोप।लगाया कि यहां शुल्क फाइव स्टार का लिया जा रहा है और सुविधा एक लॉज की मिल रही है. इसे लेकर शनिवार को स्थानीय लोग बंगाल सृष्टि के कार्यालय में आकर ज्ञापन देंगे, इसकी जानकारी होने के बावजूद भी संस्था के ग्रुप हेड कार्यालय में उपस्थित नहीं रहे. कर्मचारियों ने समस्या के विषय में किसी भी जानकारी होने से इंकार किया. ऐसे में इस कार्यालय की जरूरत ही नहीं है. अब ग्रुप हेड को सार्वजनिक स्थल दुर्गामंदिर परिसर में आकर लोगों के।साथ बैठक करके समस्या का समाधान करना होगा. उसके बाद ही कार्यालय खुलेगा. कार्यालय के साथ ओडिसी क्लब को भी तत्काल प्रभाव से बंद रखने के लिए कहा गया है. लोगों ने अपनी मांगों की सूची राज्य के श्रम, विधि व न्याय मंत्री मलय घटक को भेजी है. गौरतलब है कि सृष्टिनगर में सबेरी, पूरबी, त्रिवेणी, अहिरी, टाउनहाउस, तरंग और संगति आवासीय कम्प्लेक्स के साथ यहां प्लॉट लेकर मकान बनाने वाले लोगों ने एकजुट होकर बंगाल सृष्टि प्रबंधन के खिलाफ आरोपों की लड़ी लगाते हुए आंदोलन शुरू कर दिया है. लोगों का आरोप है कि रखरखाव शुक्ल जो पहले से दी जा रही है वह सुविधा की तुलना में काफी ज्यादा है, इसके बाद भी इसमें एकतरफा वृद्धि की गयी, जिसे लोगों ने खारिज कर दिया है. प्रबंधन आय व्यय का लेखा-जोखा कभी पेश नहीं किया है, जबकि इसे लेकर बैठकों में नियमित चर्चा होती है. रेरा के दिशानिर्देश के अनुसार रखरखाव खर्च प्रतिमाह यदि 7500 रुपये से कम हो तो जीएसटी नहीं लगता है. भुगतान की गयी जीएसटी का टैक्स इनवॉइस कभी जारी नहीं किया गया. टाउनशिप में सामुदायिक हॉल उपलब्ध नहीं कराया गया. फ्लैट और प्लॉट का पंजीकरण एक साल से अधिक समय से बंद है. ओडिसी क्लब स्थानीय निवासियों द्वारा वित्त पोषित किया जाता है, लेकिन स्थानीय लोगों का यहां के कामकाज में कोई दखल नहीं है, प्रबंधन इसे बाहरी लोगों को शादी में किराया पर देने का धंधा शुरू कर दिया है. टाउनशिप में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी होगी, सभी इलाकों में गुणवत्ता वाला पेयजल मुहैया कराना होगा. इन्ही सब मुद्दों पर बात करके को लेकर संस्था के ग्रुप प्रमुख को सूचना देकर जाने के बावजूद भी वह उपस्थित नहीं रहे और भारी पुलिस बल की तैनाती थी. जबतक इन मुद्दों पर कोई ठोस निर्णय नहीं होता है, कार्यालय और ओडिसी क्लब बंद रहेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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