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अशोक अपहरणकांड: कुर्की का आदेश जारी होने पर मुख्य आरोपी अनूप ने किया अदालत में सरेंडर

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
अशोक अपहरणकांड का अरोपी अनूप ने किया अदालत में सरेंडर
अशोक अपहरणकांड का अरोपी अनूप ने किया अदालत में सरेंडर
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आसनसोल : आसनसोल साऊथ थाना कांड संख्या 92/2020 (अशोक कानू अपहरणकांड) में मुख्य आरोपी सीवान (बिहार) जिला के मुफस्सिल थाना अंतर्गत सरसर विशुनपुरा गांव का निवासी जयराम यादव का पुत्र अनूप यादव ने शनिवार को जिला अदालत में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) संदीप चक्रवर्ती के समक्ष आत्मसमर्पण किया.

उसकी जमानत याचिका खारिज हो गयी और न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. कांड के जांच अधिकारी दाना बनर्जी ने आरोपी अनूप से प्राथमिक पूछताछ के लिए अदालत में ज्यूडिशियल इंट्रोगेशन की अपील की. अदालत ने इसे मंजूर कर लिया. जिसके उपरांत श्री बनर्जी ने न्यायिक हिरासत में उससे पूछताछ की. पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पर श्री बनर्जी ने आरोपी के प्रोडक्शन वारंट की अपील अदालत में की.

अदालत ने इसे भी मंजूरी दे दी. रविवार को अनूप को पुनः अदालत में पेश किया जाएगा. कांड में अपहृत युवक की बरामदगी व कांड से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर जांच अधिकारी अनूप की 14 दिनों की पुलिस रिमांड की अपील कर सकते हैं.

31 अगस्त को अदालत में हाजिर होने का जारी हुआ था फरमान.

अशोक अपहरणकांड में आरोपी अनूप यादव की गिरफ्तारी को लेकर अदालत से 15 जून 2020 को गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था. लगातार छापेमारी के बाद भी अनूप की गिरफ्तारी नहीं होने पर जांच अधिकारी ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाने के तहत उसकी चल-अचल संपत्ति जब्ती के लिए अटैचमेंट (कुर्की) की अपील अदालत में की.

अदालत ने 25 अगस्त को कुर्की का आदेश जारी किया. इसके साथ ही 31 अगस्त 2020 को पश्चिम बर्दवान जिला अदालत के सीजेएम के समक्ष हाजिर होने का फरमान भी जारी हुआ. सीवान मुफस्सिल थाना को भी आरोपी को अदालत के समक्ष पेश करने को कहा गया.

क्या है अपहरणकांड का मामला?

आसनसोल साऊथ थाना क्षेत्र के बलतोड़िया बिहारीपाड़ा इलाके के निवासी व इसीएल नरसमुंदा कोलियरी के कर्मी अकल कानू के पुत्र अशोक कानू (25) 15 फरवरी 2020 को घर से दोस्तों के साथ चार दिन के लिए बाहर घूमने जाने के लिए कहकर निकला. चार दिन जब उसका मोबाइल फोन बंद मिला और विभिन्न जगहों पर छानबीन करने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला तो थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज हुई.

नौ मार्च को श्री कानू ने अपने बेटे के अपहरण की शिकायत आसनसोल साऊथ थाना में दर्ज कराई. जिसमें उन्होंने जमशेदपुर (झारखंड) जिला के परसुडीह थाना अंतर्गत हरहरगुट्टू जेल रोड इलाके के निवासी अशोक भारती की बेटी पलक कुमारी भारती को आरोपी बनाया. शिकायत के आधार पर कांड संख्या 92/2020 में आईपीसी की धारा 363/365 के तहत मामला दर्ज हुआ. पुलिस ने आरोपी पलक को 12 मई को उसके आवास से गिरफ्तार किया. दो बार 10 और तीन दिनों की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ में पलक ने खुलासा किया कि अशोक को अपने प्यार के जाल में फंसाकर उसका अपहरण करके अनूप यादव के हवाले किया था.

अनूप ने उसे बेहोशी का इंजेक्शन देकर गोपालगंज जिला के थावें में लेकर चला गया. उसके बाद से अशोक की जानकारी उसके पास नहीं है. इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने कांड में आईपीसी की धारा 364 जोड़ने की अदालत में अपील की. अदालत की मंजूरी से कांड में धारा 364 भी जुड़ गया. अशोक के साथ क्या हुआ? यह पता लगाने के लिए अनूप का गिरफ्तार होना ही एकमात्र रास्ता हैं. उसकी गिरफ्तारी को लेकर लॉकडाउन में आसनसोल साउथ थाना पुलिस सीवान गयी. अनूप नहीं मिला.

सीवान पुलिस भी उसकी गिरफ्तारी को लेकर लगातार छापामारी कर रही थी. इस बीच अनूप को पुलिस ने ढूढ निकाला था. लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर नहर में कूद कर फरार हो गया. उसकी सूचना देनेवाले सीवान मुफस्सिल थाना के चौकीदार व उसी के गांव विशुनपुरा के निवासी धर्मेंद्र कुमार के घर पर अनूप व उसके परिजनों ने हमला किया.

जिसमें अनूप सहित उसके 11 परिजनों को नामजद करने के साथ अन्य 20 को आरोपी बनाकर मुफस्सिल थाना में तीन अगस्त को कांड संख्या 348/2020 दर्ज हुआ. जिसमें आईपीसी की धारा 147/148/149/341/323/353/427/447/448/380/504/506 और 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ. कांड में पुलिस ने उसके तीन परिजनों को गिरफ्तार कर अदालत में भी चालान किया. इसके बाद भी अनूप नहीं पकड़ा गया.

कुर्की के डर से किया सरेंडर

अनूप यादव काफी पैसे वाला है. सीवान में उसके दो मकान, अनेको चारपहिया और दोपहिया वाहन, दुकान आदि है. कांड में 15 जून को गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद उसने 30 जून को आसनसोल जिला जज अदालत में सीआरपीसी की धारा 438 के तहत अग्रिम जमानत की अपील की. अदालत ने खारिज कर दिया. इसके बाद सीवान में घरवालों पर मामला दर्ज हो गया.

अंत में जब अदालत ने कुर्की का आदेश जारी कर दिया. इसके उपरांत अनूप चारों ओर से फंस गया. उसके पास अदालत में सरेंडर करने के अलावा कोई चारा नहीं बचा. यदि वह सरेंडर नहीं करता तो उसकी सारी चल-अचल संपत्ति भी जब्त हो जाती और एक न एक दिन वह पकड़ा भी जाता. अपनी संपत्ति बचाने के लिए उसने अदालत में सरेंडर किया.

प्रभात खबर ने किया था ऑडियो क्लिपिंग का खुलासा

प्रभात खबर ने अशोक अपहरणकांड में 16 ऑडियो क्लिपिंग का खुलासा किया था. जिसमें 2.54 मिनट, 0.32 सेकेंड, 2.12 मिनट, 2.23 मिनट, 0.59 सेकेंड, 0.53 सेकेंड, 1.12 सेकेंड, 1.33 सेकेंड, 2.55 सेकेंड, 14.09 मिनट, 0.58 सेकेंड, 0.28 सेकेंड, 2.33 सेकेंड, 2.18 सेकेंड, 2.05 मिनट और 2.32 सेकंड का ऑडियो क्लिपिंग शामिल है.

इस ऑडियो क्लिपिंग से यह पता चला कि अशोक को अपने प्यार के जाल में फंसाकर पलक कुमारी उसे सीवान में अनूप यादव के हवाले किया. पुलिस की दबिश बढ़ते ही पलक डर गई और अनूप व उसके सहयोगियों से लगातार अशोक के बारे पूछती रही. पलक यह भी पूछती कि अशोक सही सलामत है या उसे कुछ हो गया है. प्रभात खबर में यह ऑडियो क्लिपिंग उजागर होने के बाद पुलिस और भी ज्यादा सक्रिय होकर छानबीन करने लगी.

posted by : sameer oraon

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