आसनसोल के बुद्धा ग्राम में चुनावी घमासान, BJP-TMC कार्यकर्ताओं में झड़प

Published by :Mithilesh Jha
Published at :19 Apr 2026 9:42 PM (IST)
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Asansol Election Violence 2026 West Bengal Elections 2026

हंगामा शांत कराने के लिए पहुंचे पुलिस अधिकारी.

Asansol Election Violence 2026: आसनसोल के वार्ड 48-49 में भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प. मोबाइल तोड़ने और वीडियो बनाने को लेकर हुए विवाद के बाद पुलिस और केंद्रीय बलों ने संभाला मोर्चा.

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Asansol Election Violence 2026| आसनसोल, संतोष विश्वकर्मा : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर आसनसोल में राजनीतिक पारा चरम पर है. रविवार को आसनसोल दक्षिण थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या 48 और 49 के बीच स्थित बुद्धा ग्राम इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच जबर्दस्त टसन देखने को मिली.

विवाद शांत करने पहुंचे भाजपा प्रत्याशी कृष्णेंदु मुखर्जी

दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई कहा-सुनी देखते ही देखते विवाद में बदल गयी और स्थिति मारपीट तक जा पहुंची. घटना की जानकारी मिलते ही आसनसोल उत्तर विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार कृष्णेंदु मुखर्जी मौके पर पहुंचे और तनाव को कम करने का प्रयास किया.

प्रचार के दौरान बढ़ा विवाद, मोबाइल तोड़ने का आरोप

झड़प की शुरुआत डोर-टू-डोर कैंपेनिंग के दौरान हुई, जिसने इलाके में अफरा-तफरी मचा दी. भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जब वे शांतिपूर्वक प्रचार कर रहे थे, तब तृणमूल समर्थकों ने उन पर हमला कर दिया. कार्यकर्ताओं का दावा है कि उनके साथ मारपीट की गयी और उनका मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिया गया.

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टीएमसी ने कहा- हमारे ऑफिस के सामने बार-बार आ रही थी भाजपा की गाड़ी

तृणमूल कार्यकर्ताओं ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा की प्रचार गाड़ी बार-बार उनके पार्टी कार्यालय के सामने आकर रुक रही थी. जान-बूझकर वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही थी. टीएमसी का कहना है कि इसी उकसावे के कारण विवाद की स्थिति पैदा हुई.

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पुलिस और केंद्रीय बलों का फ्लैग मार्च

स्थिति बिगड़ती देख भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) को मोर्चा संभालना पड़ा. भाजपा प्रत्याशी कृष्णेंदु मुखर्जी ने मौके पर पहुंचकर अपने कार्यकर्ताओं को शांत कराया और पुलिस से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की. पुलिस और केंद्रीय बलों के जवानों ने इलाके में गश्त (फ्लैग मार्च) शुरू की, जिसके बाद भीड़ तितर-बितर हुई और हालात सामान्य हुए.

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Asansol Election Violence: इलाके में तनावपूर्ण शांति

फिलहाल बुद्धा ग्राम इलाके में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव बरकरार है. पुलिस प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाये रखने की अपील की है और बिना किसी पुख्ता सबूत के एक-दूसरे पर दोषारोपण न करने का आग्रह किया है. पुलिस की टीमें इलाके में लगातार निगरानी रख रही हैं, ताकि मतदान से पहले दोबारा ऐसी कोई घटना न हो.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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