ट्यूशन में खर्च करनी होती है मोटी राशि
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :28 Jan 2020 2:07 AM (IST)
विज्ञापन

बराकर : शिक्षकों की कमी से जूझ रहा श्री मारवाड़ी विद्यालय बराकर में छात्रों के लिए बेहतर शिक्षा प्राप्त करना कड़ी चुनौती बन गयी है. यहां हिंदी माध्यम में कक्षा पांच से 12 तक कुल 1021 छात्रों पर सिर्फ नौ शिक्षक है. अनेकों विषय के शिक्षक नहीं होने से छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित […]
विज्ञापन
बराकर : शिक्षकों की कमी से जूझ रहा श्री मारवाड़ी विद्यालय बराकर में छात्रों के लिए बेहतर शिक्षा प्राप्त करना कड़ी चुनौती बन गयी है. यहां हिंदी माध्यम में कक्षा पांच से 12 तक कुल 1021 छात्रों पर सिर्फ नौ शिक्षक है. अनेकों विषय के शिक्षक नहीं होने से छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है.
प्रतिदिन औसतन यहां चार कक्षाएं ही हो पाती हैं. स्कूल में पढ़ाई नहीं होने से अधिकांश छात्र स्कूल जाने से कतराते हैं. यहां पढ़ने वाले छात्रों की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के कारण उनकी समस्या चरम पर है. स्कूल के ही शिक्षक और विद्यालय प्रबंधन समिति में शिक्षक प्रतिनिधि सुदर्शन कुमार सुधांशु ने इस मुद्दे को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय में रिट पिटिशन दायर की है. जिसपर सुनवाई जारी है.
क्या कहते हैं छात्र?
विद्यालय में कक्षा ग्यारह में वाणिज्य संकाय की छात्रा मुस्कान कुमारी ने बताया कि हिंदी और अंग्रेजी विषय में क्लास होता है. इकोनॉमिक्स विषय का क्लास नियमित नहीं होता, अकाउंट्स और वीएसटी विषय में यहां क्लास नहीं होता है. जब से दाखिला हुआ है यहां ऐसे ही चल रहा है.
ट्यूशन ही एकमात्र भरोसा है. पिता ट्रक ड्राइवर हैं. आर्थिक स्थित मजबूत नहीं होने के कारण ट्यूशन भी समस्या है. कोर्स पूरा नहीं हो रहा है. परीक्षा में बेहतर परिणाम के लिए कठिन समस्या होगी. बेहतर रिजल्ट नहीं होने से स्नातक की पढ़ाई के लिए किसी कॉलेज में दाखिला होना कठिन हो जाएगा. यहां के छात्रों के लिए यह बड़ी समस्या है.
कक्षा ग्यारह में कला संकाय के छात्र शिवम प्रसाद ने कहा कि इतिहास विषय की पढ़ाई यहां नहीं होती है. पांच विषयों में से अन्य चार विषयों में थोड़ी बहुत पढ़ाई हो जाती है. पढ़ाई नहीं होने के कारण वे नियमित स्कूल भी नहीं जाते है. स्कूल की पढ़ाई कोचिंग में पूरी करते हैं. घर की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के कारण यहां दाखिला लेने को बाध्य होना पड़ा. स्कूल में सभी शिक्षक यदि नियमित पढ़ाते तो कोचिंग में पैसा खर्च होने से बच जाता.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




