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पॉलिसी रिवाइव करने के नाम पर लूट लिये 11 लाख

Updated at : 06 Apr 2025 12:46 AM (IST)
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पॉलिसी रिवाइव करने के नाम पर लूट लिये 11 लाख

20 नवंबर 2024 से लेकर 25 फरवरी 2025 के बीच छह बार में आरटीजीएस के माध्यम से केडिया ने उक्त राशि का भुगतान किया.

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आइसीआइसीआइ व एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की समन्वयक बन कर महिला ने फोन करके लिया झांसे में

आसनसोल. आइसीआइसीआइ और एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की समन्यवक बन कर रेणुका जैन नामक महिला ने आसनसोल के निवासी व्यापारी विनोद कुमार केडिया को 11 लाख रुपये का चूना लगा दिया. 20 नवंबर 2024 से लेकर 25 फरवरी 2025 के बीच छह बार में आरटीजीएस के माध्यम से केडिया ने उक्त राशि का भुगतान किया. इसके बाद अचानक से महिला के सारे मोबाइल नंबर 9643610838/9800563042/8293196828 नॉट रीचेबल होने के बाद विनोद केडिया के होश उड़ गये और तुरंत वे आइसीआइसीआइ और एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस के कार्यालय गये. वहां जाने के बाद उन्हें जानकारी मिली कि रेणुका जैन नामक कोई महिला उनलोगों के कार्यालय में कहीं नहीं है और उनलोगों के कार्यालय से उन्हें कोई मेल भी नहीं भेजा गया था.

उसके बाद समझ गये कि वे साइबर ठगी के शिकार हो चुके हैं. उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत एनसीआरपी में की और शुक्रवार को साइबर थाने में आकर भी इसकी लिखित शिकायत दर्ज करायी. जिसके आधार पर साइबर क्राइम थाना आसनसोल में कांड संख्या 31/25 में बीएनएस की धारा 316(2)/318(4)/319(2)/336(3)/338/340(2)/61(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई.

मेल आइडी में आइसीआइसीआइ व एचडीएफसी लिखा देख मान लिया सच

आसनसोल मां दुर्गा नर्सिंग होम के निकट केडिया रोड इलाके के निवासी विनोद कुमार केडिया ने अपनी शिकायत में बताया कि आइसीआइसीआइ और एचडीएफसी इन्सुरेंस कंपनी लिमिटेड की समन्यवक बताकर रेणुका जैन नामक महिला ने उन्हें फोन किया और iciciprudentiallifeinsurence@aol.com और hdfclifeinsurence@aol.com इस मेल आइडी से उन्हें ईमेल के माध्यम से सूचित किया कि उनके पक्ष के जारी कंपनी की कुछ बीमा पॉलिसियां समाप्त हो गयी है. 10-10 वर्ष की अवधि पूरी करके इस पॉलिसी को पुनर्जीवित करने के लिए कुछ पैसे का भुगतान करने की बात रेणुका ने कही. श्री केडिया उसकी बातों पर भरोसा कर लिए. भरोसा करने के लिए मेल आइडी को उन्होंने अहम माना. जिसके बाद उन्होंने अपनेएक्सिस बैंक के खाते से आरटीजीएस के माध्यम से छह किस्तों में 11 लाख रुपये का भुगतान तीन माह में किया.

बाद में रेणुका के सारे नम्बर नॉट रिचिबल हो गया. पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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