लखनऊ में स्वाइन फ्लू से महिला की मौत, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सांस लेने में दिक्कत हो तो न करें नजरअंदाज
लखनऊ में स्वाइन फ्लू से महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
लखनऊ में स्वाइन फ्लू के कारण एक महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है. जानिए स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण, बचाव के तरीके और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी की गई नई गाइडलाइंस.
UP Swine Flu Alert: लखनऊ में स्वाइन फ्लू से महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है. विभाग ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है. डॉक्टरों के मुताबिक स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण जैसे हो सकते हैं. हालांकि, सांस लेने में परेशानी बढ़ना गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है. ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर डॉक्टर से सलाह और जरूरी जांच कराना चाहिए.
सर्दी-जुकाम, बुखार और खांसी में बरतें सावधानी
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने मीडिया को बताया कि सर्दी-जुकाम, बुखार या खांसी होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए. संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सावधानी बरतना जरूरी है. यदि मरीज की हालत बिगड़ती है या गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे तत्काल अस्पताल ले जाना चाहिए.
सिविल और बलरामपुर अस्पताल में अलग वार्ड
सीएमओ के अनुसार स्वाइन फ्लू के मरीजों की जांच और इलाज के लिए अस्पतालों में पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं. सिविल अस्पताल में 12 और बलरामपुर अस्पताल में छह बेड का अलग वार्ड बनाया गया है. यहां गंभीर मरीजों के इलाज की सुविधा उपलब्ध है. जरूरी दवाओं और जांच की व्यवस्था भी की गई है. स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीजों की जांच कराने और एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं.
एक महीने में तीन मरीज संक्रमित
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले एक महीने में लखनऊ में तीन लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है. वहीं, जनवरी से अब तक जिले में कुल 13 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है. इनमें ज्यादातर मरीज सर्दी-जुकाम और इससे जुड़े लक्षणों के बाद सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर के पास पहुंचे थे. डॉक्टरों की सलाह पर उनकी स्वाइन फ्लू की जांच कराई गई, जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई.
मौसम बदलने पर बढ़ता है संक्रमण का खतरा
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौसम में बदलाव के दौरान वायरल संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं. स्वाइन फ्लू संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस के साथ निकलने वाली संक्रमित बूंदों के संपर्क में आने से फैल सकता है. शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे दिखाई दे सकते हैं. लगातार लक्षण बने रहने या तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.
महिला के संपर्क में आए लोगों की होगी निगरानी
इंदिरानगर निवासी 50 वर्षीय महिला की बलरामपुर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम महिला के संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटा रही है. टीम यह भी पता लगाएगी कि इस दौरान महिला किन स्थानों पर गई थी और किन लोगों के संपर्क में आई थी. परिवार के अन्य सदस्यों को फिलहाल एहतियात बरतने और आवश्यक सावधानी रखने की सलाह दी गई है. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिवार को जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने के साथ निगरानी की प्रक्रिया शुरू की है.
संक्रमित सतह छूने से भी हो सकता है संक्रमण
स्वाइन फ्लू को इन्फ्लुएंजा-ए (H1N1) संक्रमण भी कहा जाता है. यह मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस लेने से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से फैलता है. संक्रमित सतह को छूने के बाद आंख, नाक या मुंह छूने से भी संक्रमण का खतरा हो सकता है. इसलिए हाथों की स्वच्छता और संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतना महत्वपूर्ण है.
स्वाइन फ्लू लक्षण
तेज बुखार और ठंड लगना खांसी और गले में खराश नाक बहना या जुकाम शरीर और मांसपेशियों में दर्द अत्यधिक कमजोरी और थकान सांस लेने में परेशानी या सांस फूलना गंभीर स्थिति में ऑक्सीजन स्तर कम होना. स्वाइन फ्लू से बचाव खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकें हाथ साबुन से बार-बार धोएं
संक्रमित से दूरी रखें
लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें इस्तेमाल किए गए रुमाल या टिश्यू को सुरक्षित फेंकें सांस लेने में परेशानी या हालत बिगड़ने पर अस्पताल पहुंचें. यह भी पढ़ें: Nepal Flood: नेपाल की तबाही का UP में असर! महराजगंज-कुशीनगर हाई अलर्ट, इन जिलों में भी बढ़ी निगरानी
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