अब UP में Mobile SIM की तरह पोर्ट होगा FASTag, जानें क्या है नया प्लान
FASTag बैंक बदलना हुआ आसान
FASTag New Update: उत्तर प्रदेश के लाखों वाहन मालिकों के लिए अच्छी खबर है. अब आप अपने FASTag को मोबाइल SIM की तरह एक बैंक से दूसरे बैंक में आसानी से पोर्ट कर सकेंगे. मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में OneTag सर्विस लॉन्च की गई है.
FASTag New Update: उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे पर अपनी गाड़ी दौड़ाने वाले लाखों वाहन मालिकों के लिए राहत की खबर है. अगर आप भी FASTag बैंक की खराब सर्विस, सर्वर डाउन होने या बिना वजह पैसे कटने की समस्या से परेशान हैं, तो अब बैंक बदलना आसान होगा. मुंबई में आयोजित Global Fintech Fest 2026 के दौरान 'OneTag' नाम की नई सर्विस लॉन्च की गई है. इसकी मदद से फास्टैग को मोबाइल SIM की तरह एक बैंक से दूसरे बैंक में पोर्ट किया जा सकेगा.
SIM कार्ड की तरह बदलेगा
अब आपको फास्टैग बैंक बदलने के लिए गाड़ी के सामने वाले शीशे से पुराना स्टिकर उखाड़ने या खुरचने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वाहन मालिक अपने FASTag को एक बैंक से दूसरे बैंक में पोर्ट करा सकेंगे. यानी गाड़ी पर लगा पुराना स्टिकर वही रहेगा, लेकिन सिस्टम में उससे जुड़ा बैंक बदल जाएगा. यह सर्विस 11 सितंबर 2026 से लाइव कर दी गई है. यूपी के उन वाहन चालकों के लिए यह सुविधा खास राहत दे सकती है, जो दिल्ली-NCR, आगरा, पूर्वांचल या बुंदेलखंड रूट्स पर अक्सर सफर करते हैं.
टोल प्लाजा पर कोई रुकावट नहीं
बैंक बदलने के बाद भी टोल प्लाजा पर FASTag से भुगतान पहले की तरह होता रहेगा. सिस्टम में फास्टैग से जुड़े नए बैंक की जानकारी अपडेट हो जाएगी, जबकि टोल प्लाजा पर RFID तकनीक गाड़ी के उसी पुराने फास्टैग स्टिकर को रीड करेगी.
Rajmargyatra App से मिलेगी सुविधा
OneTag की सुविधा NHAI के Rajmargyatra मोबाइल ऐप के जरिए उपलब्ध होगी. यूजर Rajmargyatra App को Google Play Store से डाउनलोड कर सकते है. ऐप पर OneTag की सुविधा के लिए अपनी Eligibility (पात्रता) चेक की जा सकेगी. पात्र होने पर जरूरी Verification और Consent की प्रक्रिया पूरी करने के बाद पसंद का नया बैंक चुना जा सकेगा.
OneTag सर्विस से होने वाले बड़े फायदे:
• यूपी के एक्सप्रेसवे पर नो-टेंशन सफर: टोल प्लाजा पर किसी एक बैंक का सर्वर डाउन होने या बैंक की सर्विस से परेशानी होने पर यूजर दूसरे बैंक में पोर्ट करने का विकल्प पा सकेगा.
• गाड़ी के कीमती शीशे रहेंगे सुरक्षित: विंडशील्ड से पुराने स्टिकर को हटाने की जरूरत नहीं होगी, जिससे गोंद के दाग और स्टिकर बदलने की परेशानी कम होगी.
• समय और कागजी प्रक्रिया से राहत: पुराना टैग बंद कराने, नया टैग खरीदने और उसे कूरियर से मंगाकर गाड़ी पर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
• प्लास्टिक कचरा और प्रदूषण कम होगा: बार-बार नया FASTag बनवाने और पुराने स्टिकर को फेंकने की जरूरत कम होगी.
• करोड़ों रुपये के खर्च की बचत: नए FASTag की छपाई, पैकिंग और कूरियर से जुड़े खर्च में भी कमी आने की उम्मीद है.
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