महिला पहलवानों के यौन शोषण केस में बृजभूषण शरण सिंह को राहत, कोर्ट ने सभी आरोपों से किया बरी

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बृजभूषण शरण सिंह बरी (AI सांकेतिक तस्वीर)

बृजभूषण शरण सिंह बरी (AI सांकेतिक तस्वीर)

UP News: महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों से जुड़े मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है. अदालत ने WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को भी सभी आरोपों से मुक्त कर दिया है.

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UP News: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों से जुड़े मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है. अदालत ने इसी मामले में WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को भी सभी आरोपों से मुक्त कर दिया.

अदालत ने सबूतों को नहीं माना पर्याप्त

अदालत ने अपने फैसले में माना कि अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्य आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं. साथ ही शिकायतकर्ताओं के बयानों में कई विरोधाभास पाए गए. बृजभूषण शरण सिंह 20 जुलाई 2023 से नियमित जमानत पर थे. 10 मई 2024 को दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के आधार पर उनके खिलाफ आरोप तय किए गए थे, जिसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई थी.

फैसले के बाद क्या बोले बृजभूषण और उनके वकील

अदालत के फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्होंने पहले जो कहा था, वही अब सही साबित हुआ है. वहीं, उनके वकील ने कहा कि वे अदालत के विस्तृत आदेश का इंतजार कर रहे हैं. उनका कहना था कि शुरुआत से ही शिकायत और शिकायतकर्ताओं के बयानों में कई विसंगतियां और विरोधाभास थे. विस्तृत आदेश आने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पर विस्तार से प्रतिक्रिया दी जाएगी.

2023 के आंदोलन से शुरू हुआ था मामला

यह मामला वर्ष 2023 में छह महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण, पीछा करने और आपराधिक धमकी के आरोपों के बाद चर्चा में आया था. इसी मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर पहलवानों ने लंबा विरोध प्रदर्शन किया था. 15 जून 2023 को दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी. इसके बाद 10 मई 2024 को आरोप तय हुए और ट्रायल चला. करीब साढ़े तीन साल चली कानूनी प्रक्रिया के बाद 3 अगस्त 2026 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को सभी आरोपों से बरी कर दिया.

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कोमल अग्रवाल पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. वे डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और विभिन्न विषयों पर समाचार एवं लेख लिखती हैं. इससे पहले उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में इंटर्नशिप एवं कार्य अनुभव प्राप्त किया है, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और वीडियो एडिटिंग जैसे क्षेत्रों में काम किया. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज से जनसंचार एवं पत्रकारिता की पढ़ाई की है. कोमल तथ्यपरक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित पत्रकारिता में विश्वास रखती हैं तथा सरल, सटीक और प्रभावी समाचार लेखन को प्राथमिकता देती हैं.

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