AIIMS गोरखपुर में  शुरू होंगी कैथ लैब, मरीजों को मिलेगी रोबोटिक सर्जरी और IVF की सुविधाएं

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मेजर जनरल (डॉ.) विभा दत्ता

मेजर जनरल (डॉ.) विभा दत्ता

UP News: एम्स गोरखपुर अपने सातवें स्थापना दिवस पर बड़ा ऐलान किया है. सितंबर तक कैथ लैब, रोबोटिक सर्जरी और आईवीएफ जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं शुरू हो जाएंग.। इससे पूर्वांचल सहित आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर इलाज का लाभ मिलेगा.

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UP News: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर शनिवार को अपना सातवां स्थापना दिवस मना रहा है. इस अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में संस्थान के अध्यक्ष पद्मश्री प्रो. (डॉ.) हेमंत कुमार और कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मेजर जनरल (डॉ.) विभा दत्ता ने पिछले सात वर्षों की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी. इस दौरान बताया गया कि संस्थान सितंबर तक कैथ लैब, रोबोटिक सर्जरी और आईवीएफ सेंटर जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं शुरू करने की तैयारी में है, जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी.  

सितंबर तक शुरू होंगी नई चिकित्सा सुविधाएं  

प्रेस वार्ता के दौरान संस्थान की ओर से बताया गया कि एम्स गोरखपुर में सितंबर तक कैथ लैब, रोबोटिक सर्जरी और आईवीएफ सेंटर की सुविधाएं शुरू करने की योजना है. इन सेवाओं के शुरू होने के बाद पूर्वांचल सहित आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उन्नत चिकित्सा सुविधाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगा.  

पूर्वांचल, बिहार और नेपाल के मरीजों को मिल रहा लाभ  

संस्थान के अध्यक्ष पद्मश्री प्रो. (डॉ.) हेमंत कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप नए एम्स संस्थानों की स्थापना का उद्देश्य देश में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण करना है. उन्होंने कहा कि एम्स गोरखपुर इसी उद्देश्य के साथ पूर्वांचल, बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों और नेपाल से आने वाले मरीजों को गुणवत्तापूर्ण तृतीयक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा रहा है.    

उपचार, शिक्षा और अनुसंधान पर विशेष फोकस  

प्रो. (डॉ.) हेमंत कुमार ने बताया कि एम्स के तीन प्रमुख उद्देश्य हैं, उच्चस्तरीय रोगी उपचार, चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा अनुसंधान. उन्होंने कहा कि संस्थान इन तीनों क्षेत्रों में लगातार प्रगति कर रहा है. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि फैकल्टी की कमी देशव्यापी चुनौती है, लेकिन रिक्त पदों को भरने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.

ओपीडी में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी  

अध्यक्ष ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में संस्थान की ओपीडी में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. वर्तमान में प्रतिदिन औसतन करीब 5,000 मरीज ओपीडी सेवाओं का लाभ ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि मरीजों की बढ़ती संख्या संस्थान के प्रति लोगों के विश्वास और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमाण है.

-लक्की कुमारी की रिपोर्ट

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राधेश्याम कुशवाहा

लेखक के बारे में

By राधेश्याम कुशवाहा

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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