उत्तर प्रदेश में बाढ़ का मंडराया खतरा, नरोरा और हरिद्वार बैराजों से छोड़े पानी से कानपुर, प्रयागराज व बनारस तक उफान

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नरोरा से 2.61 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज

UP News: उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जिससे तटीय इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है.

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UP News: उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. हरिद्वार बैराज से डिस्चार्ज किए गए पानी तथा नरोरा बैराज से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी के चलते पूरे प्रदेश के मैदानी इलाकों में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है. तटीय क्षेत्रों में बसने वाले ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी गई है. आपदा प्रबंधन तथा प्रशासन की टीमें सतर्कता बरतेंगी.

नरोरा से 2.61 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज कानपुर में चेतावनी बिंदु के पास पहुंचा जलस्तर

नरोरा बैराज से 2,61,933 क्यूसेक और हरिद्वार से 87 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद कानपुर तथा शुक्लागंज में हालात संवेदनशील हो गए हैं. कानपुर बैराज पर अपस्ट्रीम का जलस्तर 113.280 मीटर और डाउनस्ट्रीम का जलस्तर 113.130 मीटर दर्ज हुआ है. इसके अलावा शुक्लागंज क्षेत्र में नदी का जलस्तर 111.930 मीटर पहुँच गया है, जो चेतावनी के निशान के काफी समीप है. बैराज से अतिरिक्त 1.67 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किए जाने से गंगा तटवर्ती बस्तियों में चौकसी बढ़ी.

नरोरा बैराज
नरोरा बैराज

प्रयागराज में संगमनगरी पर मंडराया संकट संगम क्षेत्र डूबा, तटीय बस्तियों में जलभराव

कानपुर और ऊपरी क्षेत्रों से छोड़े गए पानी का असर अब प्रयागराज में साफ दिखाई देने लगा है. संगम क्षेत्र की ढलान वाली सीढ़ियां और निचले घाट पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं. गंगा के साथ यमुना नदी के जलस्तर में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. बघाड़ा, सलोरी तथा दारागंज जैसे कछारी इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने से निवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. प्रशासन ने एनडीआरएफ की टीमों को अलर्ट पर तैनात किया है.

संगमनगरी
संगमनगरी

काशी के घाट हुए जलमग्न वाराणसी में पक्की सीढ़ियां डूबीं, नाव संचालन पर रोक

वाराणसी में भी गंगा का तेज प्रवाह अब विकराल रूप ले रहा है. जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण काशी के प्रसिद्ध अस्सी, दशाश्वमेध और नमो घाट की पक्की सीढ़ियां जलमग्न हो गई हैं. छोटे मंदिरों तक पानी पहुँच चुका है और घाटों का आपसी संपर्क पूरी तरह टूट गया है. सुरक्षा को देखते हुए जल पुलिस ने श्रद्धालुओं के स्नान करने तथा पतवार वाली नावों के संचालन पर रोक लगा दी है। प्रशासन ने सुरक्षा बल मुस्तैद किए हैं.

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शशांक शेखर मिश्रा

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By शशांक शेखर मिश्रा

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