सात महीने में ही धंस गया 64 करोड़ का ओवरब्रिज! मरम्मत के साथ अब जांच भी शुरू

Updated:
विज्ञापन

बारिश में धंसा ओवरब्रिज {AI}

मिर्जापुर में 64 करोड़ की लागत से बना ओवरब्रिज पहली बारिश में ही धंस गया. सात महीने में ही एप्रोच रोड की गुणवत्ता पर सवाल उठे. आवागमन रोककर अब मरम्मत और जांच का काम शुरू हो गया है.

विज्ञापन

UP News : मिर्जापुर के आमघाट में करीब 64 करोड़ रुपये की लागत से बने ओवरब्रिज की एप्रोच रोड पहली बारिश में ही धंस गयी. पुल शुरू होने के महज सात महीने बाद सड़क में आई इस खामी ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आवागमन रोककर अब मरम्मत का काम शुरू करा दिया गया है. डीएम ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है. मिर्जापुर के आमघाट में करीब 64 करोड़ रुपये की लागत से बने ओवरब्रिज की एप्रोच रोड पहली बारिश में ही धंस गयी. सड़क धंसने की जानकारी सामने आने के बाद सेतु निगम ने तत्काल ओवरब्रिज पर आवागमन रोक दिया और मरम्मत का काम शुरू करा दिया. पुल के निर्माण के महज सात महीने के भीतर एप्रोच रोड में आई खराबी को लेकर विभाग पर सवाल उठने लगे हैं. मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गयी. सपा प्रमुख अखिलेश यादव से लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाये. वहीं, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की नाराजगी के बाद प्रशासन भी सक्रिय हुआ. जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है. जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है.

64 करोड़ के पुल की पहली बारिश में खुली पोल

आमघाट ओवरब्रिज का निर्माण करीब 64 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था. वाराणसी की फर्म मनोज केसरी सिंह को इसके निर्माण का ठेका मिला था. करीब सात महीने पहले ही पुल को आम लोगों के आवागमन के लिए खोला गया था. लेकिन पहली ही बारिश ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिये. एप्रोच रोड का एक हिस्सा धंसने के बाद लोगों की सुरक्षा को देखते हुए पुल पर आवागमन बंद कर दिया गया. इसके बाद सेतु निगम ने क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत शुरू करा दी.

निर्माण करने वाली फर्म ही कर रही मरम्मत

सबसे अहम बात यह है कि जिस फर्म ने ओवरब्रिज का निर्माण कराया था, उसी के द्वारा अब एप्रोच रोड की मरम्मत भी करायी जा रही है. सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में एप्रोच रोड के आसपास सिपेज की बात सामने आयी है. इसी वजह से सड़क के कटने और धंसने की समस्या हुई है. हालांकि, प्रशासन की ओर से मामले की विस्तृत जांच करायी जा रही है. जांच में निर्माण की गुणवत्ता, सड़क धंसने की वास्तविक वजह और इसमें किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, इसकी पड़ताल की जाएगी.

डीएम ने गठित की तीन सदस्यीय जांच टीम

एप्रोच रोड धंसने के मामले में जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है. टीम मौके का निरीक्षण कर पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार करेगी. रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि अगर जांच में किसी की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. फिलहाल अधिकारियों की नजर मरम्मत कार्य और सड़क की मजबूती पर है.

कुछ दिनों में फिर शुरू होगा आवागमन

सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक ई. रोहित मिश्रा ने बताया कि बारिश के कारण एप्रोच रोड के कटने की समस्या सामने आयी है. पुल बनाने वाली फर्म को ही सड़क की मरम्मत की जिम्मेदारी दी गयी है. शुरुआती जांच में सिपेज की बात सामने आयी है, लेकिन इसके अलावा अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि फिलहाल सुरक्षा के मद्देनजर ओवरब्रिज पर आवागमन रोक दिया गया है. मरम्मत का काम पूरा होने के बाद सड़क को दुरुस्त कराकर जल्द ही यातायात दोबारा शुरू कराया जायेगा. जांच में जो भी दोषी पाया जायेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी.

Also Read : संगम नगरी से राहुल गांधी भरेंगे युवाओं में जोश, ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से करेंगे यूपी में चुनावी आगाज


विज्ञापन
रवि रंजन कुमार

लेखक के बारे में

By रवि रंजन कुमार

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola