आजमगढ़ में 4 हत्याओं का आरोपी पुलिस एनकाउंटर में ढेर, पत्नी, बेटे और 2 पुजारियों की मौत से मचा हड़कंप, 8 घंटे तक घर में कैद रहा कातिल

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चार हत्याओं के बाद आरोपी और बेटे की मौत

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UP Crime: आजमगढ़ में 4 लोगों की हत्या के बाद आरोपी पुलिस की जवाबी कार्रवाई में ढेर हो गया. इसमें उसका अपना बेटा भी नहीं बच सका.

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UP Crime: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में पत्नी, दो पुजारियों और अपने ही बेटे की हत्या के आरोपी अरविंद सिंह का पुलिस एनकाउंटर में अंत हो गया. अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार देर शाम हुई इस वारदात के बाद आरोपी अपने बच्चों को घर के अंदर बंधक बनाकर एक कमरे में कैद हो गया था. करीब आठ घंटे तक चले हाई-वोल्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पुलिस ने कार्रवाई की.

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पत्नी, दो पुजारियों और बेटे की हत्या के आरोपी का एनकाउंटर

आजमगढ़ में पत्नी, दो पुजारियों और अपने ही बेटे की हत्या करने वाले आरोपी अरविंद सिंह का पुलिस एनकाउंटर में अंत हो गया. करीब आठ घंटे तक चले हाई-वोल्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ में मार गिराया. इस दौरान आरोपी ने बच्चों को बंधक बना रखा था. वाराणसी जोन के एडीजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि पुलिस करीब सात घंटे तक लगातार आरोपी से मान-मनौवल करती रही, लेकिन वह बच्चों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुआ. आरोपी बार-बार सुबह तक इंतजार करने की बात कह रहा था. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे एनकाउंटर में ढेर कर दिया.

पूजा को लेकर शुरू हुआ विवाद

पुलिस के मुताबिक, अरविंद सिंह के दिवंगत भाई सुनील सिंह की आत्मा की शांति के लिए घर में पूजा कराई जा रही थी. इसी दौरान आरोपी नाराज हो गया और राइफल से फायरिंग शुरू कर दी. गोलीबारी में उसकी पत्नी बबिता सिंह (40) और दो पुजारी महेंद्र पाठक (42) व अखिलेश मिश्रा (55) की मौत हो गई. वारदात के बाद आरोपी अपने तीन बच्चों के साथ कमरे में बंद हो गया.

सात घंटे तक समझाती रही पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने घर को चारों तरफ से घेर लिया. वाराणसी जोन के एडीजी नवीन अरोड़ा के मुताबिक, पुलिस करीब सात घंटे तक लगातार आरोपी से बातचीत कर उसे आत्मसमर्पण के लिए मनाती रही. परिवार के सदस्यों के जरिए भी उसे समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह बच्चों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुआ. आरोपी बार-बार सुबह तक इंतजार करने की बात कह रहा था.

बच्चों को जान से मारने की धमकी

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने परिवार और पुलिसकर्मियों को गोली मारने की धमकी दी थी. इसी दौरान कमरे के अंदर से गोली चलने की आवाज आई और आरोपी ने अपने करीब 10 वर्षीय बेटे को भी गोली मार दी. इसके बाद स्थिति बेहद गंभीर हो गई. बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने कमरे में प्रवेश करने की कार्रवाई शुरू की.

फायरिंग के बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई

पुलिस का कहना है कि कमरे में प्रवेश करते ही अरविंद ने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी. उसे आत्मसमर्पण की चेतावनी दी गई और हवा में गोली भी चलाई गई, लेकिन वह लगातार फायरिंग करता रहा. इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा और बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए जवाबी फायरिंग की, जिसमें अरविंद गंभीर रूप से घायल हो गया.

एनकाउंटर में आरोपी की मौत

जवाबी कार्रवाई में घायल अरविंद सिंह को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई. गोली लगने से उसके बेटे की भी जान चली गई. इस वारदात में आरोपी, उसकी पत्नी, उसके बेटे और दो पुजारियों समेत कुल पांच लोगों की मौत हुई है. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अब पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है. यह भी देखें: पिता को कागजों में ‘मार’ बेटे ने ले ली सरकारी नौकरी, उन्नाव में 13 साल बाद एक कागज ने खोल दिया आश्रित कोटे पूरा खेल

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