गांव के युवाओं के लिए बड़ी खबर, यूपी की 11,350 ग्राम पंचायतों में बनेगी डिजिटल लाइब्रेरी, जानें पूरा प्लान
डिजिटल शिक्षा से गांवों में ज्ञान की नई राह
UP Digital Library: उत्तर प्रदेश के 11,350 गांवों में डिजिटल लाइब्रेरी खुलने वाली हैं. 454 करोड़ रुपये की दूसरी किश्त से इसकी तैयारी तेज हो गई है.
UP Digital Library: उत्तर प्रदेश के गांवों में पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए बड़ी खबर है. प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय स्थापित करने की तैयारी तेज हो गई है. दूसरी किश्त के 454 करोड़ रुपये से इन पुस्तकालयों की स्थापना का काम जल्द शुरू कराया जाएगा. सरकार की योजना है कि विधानसभा चुनाव से पहले इन पंचायतों के युवा डिजिटल पुस्तकालयों में बैठकर पढ़ाई कर सकें.
नए प्रमुख सचिव ने संभाला पंचायती राज विभाग
पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार के स्थानांतरण के बाद मंगलवार को प्रमुख सचिव रविंद्र ने विभाग का कार्यभार संभाल लिया. कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने विभागीय मंत्री ओम प्रकाश राजभर से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की. इस दौरान दोनों के बीच विभाग की विभिन्न योजनाओं को लेकर चर्चा हुई. बैठक में पहली किश्त के बाद दूसरी किश्त की 454 करोड़ रुपये की धनराशि से 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय स्थापित करने का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया.
454 करोड़ की दूसरी किश्त से बनेगी लाइब्रेरी
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बताया कि डिजिटल पुस्तकालय योजना की दूसरी किश्त के 454 करोड़ रुपये से भी 11,350 ग्राम पंचायतों में पुस्तकालय स्थापित किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि इस काम को जल्द शुरू कराया जाएगा. सरकार का लक्ष्य है कि विधानसभा चुनाव से पहले इन पंचायतों के युवा डिजिटल पुस्तकालयों का इस्तेमाल कर पढ़ाई और तैयारी शुरू कर दें.
दूसरी किश्त को लेकर पहले नहीं बनी थी सहमति
दरअसल, दूसरी किश्त की रकम से डिजिटल पुस्तकालयों की स्थापना किस माध्यम से कराई जाए, इसको लेकर पूर्व प्रमुख सचिव और विभागीय मंत्री के बीच सहमति नहीं बन पाई थी. इसके बाद इस मामले में निर्णय के लिए फाइल मुख्यमंत्री के पास भेजी गई थी. अब विभाग में नए प्रमुख सचिव के कार्यभार संभालने के बाद इस काम को आगे बढ़ाने की तैयारी है.
इन संस्थाओं में से किसी एक को मिल सकता है काम
सूत्रों के अनुसार, सरकार दूसरी किश्त से डिजिटल पुस्तकालय स्थापित करने का काम किसी एक सरकारी संस्था को सौंप सकती है. इनमें यूपी इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन, यूपी डेवलेपमेंट सिस्टम्स कारपोरेशन, साफ्टवेयर टेक्नोलाजी पार्क नोएडा और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान लखनऊ के नाम शामिल हैं. यानी दूसरी किश्त का काम एकीकृत तरीके से राज्य सरकार की किसी संस्था के माध्यम से कराने की तैयारी है.
पहली किश्त से चल रहा 11,350 लाइब्रेरी का काम
इससे पहले डिजिटल पुस्तकालयों की स्थापना के लिए पहली किश्त में 454 करोड़ रुपये जारी किए गए थे. इस रकम से प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में पुस्तकालय स्थापित करने का काम चल रहा है. यह काम अगले महीने तक पूरा होने की उम्मीद है.
भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद बदला तरीका
डिजिटल पुस्तकालयों की स्थापना के पहले चरण में काम को लेकर भ्रष्टाचार की शिकायतें भी सामने आई थीं. इस संबंध में विभागीय मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी. मंत्री ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया था कि दूसरी किश्त से होने वाला काम एकीकृत तरीके से राज्य सरकार की किसी संस्था के माध्यम से कराया जाए. अब दूसरी किश्त के 454 करोड़ रुपये से होने वाले काम को इसी दिशा में आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है.
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