Mahakumbh 2025: महाकुंभ में 54000 से अधिक लोग बिछड़े, परिजनों से मिलाया गया

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 02 Mar 2025 9:58 PM

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Mahakumbh Mela

Mahakumbh 2025: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान 45 दिनों तक उमड़े श्रद्धालुओं के जनसैलाब में 54 हजार से अधिक लोग बिछड़ गए थे. लेकिन सभी बिछड़ों को उनके परिजनों से मिला दिया गया.

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Mahakumbh 2025: उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार महाकुंभ 2025 में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई. इस दौरान 54375 लोग अपनों से बिछड़ गए थे, जिसमें महिलाओं की संख्या सबसे अधिक थी. लेकिन राहत की बात है कि सभी बिछड़ों को उनके परिजन से मिला दिया गया.

महाकुंभ में डिजिटल खोया पाया केंद्र की स्थापना की गई थी

महाकुंभ 2025 में भूले-भटके लोगों को उनके परिवार से मिलाने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने डिजिटल खोया-पाया केंद्रों की स्थापना की थी. सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, अमृत स्नान पर्व मकर संक्रांति के दौरान लापता 598 श्रद्धालुओं, मौनी अमावस्या के दौरान लापता 8,725 श्रद्धालुओं और बसंत पंचमी के दौरान लापता 864 श्रद्धालुओं को डिजिटल खोया-पाया केंद्रों की मदद से उनके परिजनों से मिलवाया गया. डिजिटल खोया-पाया केंद्रों की मदद से कुल 35083 लोगों को उनके परिजनों से मिलवाया गया.

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महाकुंभनगर में 10 डिजिटल खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए थे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर पूरे महाकुंभनगर में 10 डिजिटल खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए थे, जिनमें अत्याधुनिक एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) आधारित चेहरा पहचान प्रणाली, मशीन लर्निंग और बहुभाषीय समर्थन जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था की गई थी.

महाकुंभ में बिछड़ गए थे 18 बच्चे, परिजन से मिलाया गया

”महाकुंभ मेले में बिछड़े सभी 18 बच्चों को उनके परिजनों से मिलाया गया. शिविर के माध्यम से न सिर्फ खोए हुए लोगों को खोजा गया, बल्कि उनके घरों तक पहुंचाने में भी मदद की गई.”

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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