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योगी सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, डॉ कफील खान मामले में हस्तक्षेप से इनकार, जानें पूरा मामला

Updated at : 17 Dec 2020 2:51 PM (IST)
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योगी सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, डॉ कफील खान मामले में हस्तक्षेप से इनकार, जानें पूरा मामला

नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath) को झटका लगा है. कोर्ट ने डॉ कफील खान (Dr Kafeel Khan) मामले में उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उनकी रिहाई को चुनौती दी गयी थी. सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत डॉ कफील खान की हिरासत को रद्द करने और उन्हें तत्काल रिहा किए जाने के इलाहबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया.

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नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath) को झटका लगा है. कोर्ट ने डॉ कफील खान (Dr Kafeel Khan) मामले में उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उनकी रिहाई को चुनौती दी गयी थी. सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत डॉ कफील खान की हिरासत को रद्द करने और उन्हें तत्काल रिहा किए जाने के इलाहबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक सितंबर को डॉ कफील की हिरासत रद्द करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से रिहा करने का आदेश दिया था. मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे के नेतृत्व वाली एक पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार की हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि वह ‘एक अच्छा फैसला’ है.

न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रमासुब्रमण्यन भी पीठ का हिस्सा थे. पीठ ने कहा, ‘हम फैसले में हस्तक्षेप नहीं करेंगे. हालांकि इस टिप्पणी से किसी अन्य कार्यवाही पर कोई असर नहीं पड़ेगा.’ राज्य की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि हाईकोर्ट द्वारा की गयी टिप्पणी से खान को आपराधिक कार्यवाही से छूट मिलती है.

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पीठ ने कहा, ‘आपराधिक मामलों का फैसला उनके गुण-दोष के आधार पर किया जायेगा.’ संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ पिछले साल अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में कथित भड़काऊ भाषण देने के आरोप में डॉ कफील जनवरी से जेल में बंद थे.

गौरतलब है कि अगस्त 2017 में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में कथित रूप से ऑक्सीजन की कमी से बड़ी संख्या में मरीज बच्चों की मौत के मामले के बाद डॉ कफील चर्चा में आये थे. वह आपात ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था कर बच्चों की जान बचाने वाले नायक के तौर पर सामने आये थे, लेकिन बाद में उनपर और अस्पताल के नौ अन्य डॉक्टरों तथा स्टाफ के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की गई.

भाषा इनपुट के साथ

Posted By: Amlesh Nandan.

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