बरेली के झुमका और इनवर्टिज तिराहा पर लगेगा ओम का प्रणब, 32 किमी की होगी नाथ मंदिरों की परिक्रमा, ले आउट फाइनल

बरेली को शिवलोक में अवतरित करने की कवायद चल रही है. शहर के दोनों छोर यानी बरेली-दिल्ली रोड और लखनऊ- बरेली पर ओम का प्रणब लगाया जाएगा. इसकी डीपीआर भी अंतिम चरण में है.
Bareilly : उत्तर प्रदेश के बरेली को नाथ नगरी से शिवलोक में अवतरित किया जा रहा है. शहर के दोनों छोर यानी बरेली-दिल्ली रोड (झुमका तिराहा) और लखनऊ- बरेली (इनवर्टिज तिराहे) पर ओम का प्रणब लगाया जाएगा. यह कार्य बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) कर रहा है. इसमें नाथ सर्किट का लेआउट डिजाइन फाइनल हो गया है. इसकी डीपीआर भी अंतिम चरण में है.
यहां के हर कण-कण में महादेव का आभास होगा. चौराहों, तिराहों और हाईवे पर शिव शंभू की गाथाएं होंगी. कण-कण में शंकर की उपस्थिति व्याप्त की जाएगी. यह कार्य आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और युवा पीढ़ी को सनातन संस्कृति से परिचय कराने के लिए बरेली में नाथ सर्किट तैयार किया जा रहा है. कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह के निर्देश पर आर्किटेक्ट सुमित अग्रवाल ने नाथ नगरी कारिडोर का लेआउट और डिजाइन तैयार किया है.
शहर के नाथनगरी कारिडोर में पशुपतिनाथ, तपेश्वर नाथ, मणिनाथ, त्रिवटी नाथ, धोपेश्वर नाथ, बनखंडी नाथ और अलखनाथ मंदिर को मिलाकर 32.50 किलोमीटर का परिक्रमा सर्किट तैयार किया गया है. मंदिर को जाने वाले रास्ते पर कार और पाथवे रहेगा. इसके अलावा मंदिरों में भव्य द्वार बनाए जाएंगे. मंदिरों के बाहर बस स्टॉप से लेकर मंदिर के मुख्य द्वार को रंग बिरंगी लाइट से सजाया जाएगा. बरेली के चारों ओर राम द्वार, तपेश्वर द्वार अलखनाथ द्वार और केदारनाथ द्वार के नाम फाइनल किए हो गए हैं.
शहर के डेलापीर तिराहा का नाम बदला जाएगा. इसका नामकरण आदिनाथ तिराहे के नाम किया जाएगा. इसका नामकरण जल्द नगर निगम बोर्ड द्वारा फाइनल होगा. यहां नाथ नगरी की सांस्कृतिक विरासत और धरोहर को संजोया जाएगा. इसके अलावा भगवान शिव शंभू का डमरु स्थापित होगा. डेलापीर तिराहे पर निर्माण कार्य शुरू हो गया है. डमरू स्थापित करने को बीच में गड्ढा खोदा जा चुका है. नरियावल तिराहे पर त्रिशूल स्थापित करने की दिशा में प्रयास शुरू हो गया है.
अलखनाथ मंदिर के लेआउट डिजाइन में 9 मीटर मंदिर के अंदर का कारिडोर रहेगा. पानी के पीने की व्यवस्था होगी. तमाम श्रद्धालुओं के बैठने के लिए बेंच रहेंगे. टिनशेड डाला जायेगा. पार्किंग की व्यवस्था की गई है. श्रद्धालुओं को खिलाने के लिए भंडारा हाल बनाया जा रहा है. गायों के लिए टिनशेड डाला जाएगा. अलखनाथ मंदिर की शोभा और व्यवस्था भव्य होगी.
शहर के नाथ नगरी कारिडोर में मंदिरों को आने जाने के लिए सभी सड़कों को सिक्स लेन और फोरलेन किया जा रहा है. बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने बताया कि चौपला पर निर्माण कार्य शुरू हो गया है. चौपुला चौराहे से लेकर स्टेशन रोड तक फोरलेन किया जाएगा. इससे मढ़ीनाथ, धोपेश्वर नाथ और अलखनाथ मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी.
इसके अलावा सिटी शमशान भूमि पर अंडरपास, अलखनाथ अंडरपास, और मढ़ीनाथ से श्मशान भूमि को वैकल्पिक मार्ग पर विचार किया जा रहा है. सुभाषनगर पुलिया के पास भी अंडरपास की व्यवस्था की जा रही है. जिससे सातों नाथ मंदिर को जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा ना हो.
रिपोर्ट- मुहम्मद साजिद, बरेली
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By Prabhat Khabar News Desk
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