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आजम खान ने मीडिया को अपराधियों का हिमायती करार दिया

Updated at : 24 Mar 2015 5:17 PM (IST)
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आजम खान ने मीडिया को अपराधियों का हिमायती करार दिया

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ काबीना मंत्री मोहम्मद आजम खान ने उच्चतम न्यायालय द्वारा आज सूचना प्रौद्योगिकी कानून में पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी की शक्ति देने वाले प्रावधान को खारिज करने को लेकर मीडिया के खिलाफ हल्ला बोलते हुए उसे ‘‘अपराधियों का हिमायती’’ करार दे दिया. खानने हज यात्रा के लिएकुराअंदाजी (लॉटरी) निकाले […]

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ काबीना मंत्री मोहम्मद आजम खान ने उच्चतम न्यायालय द्वारा आज सूचना प्रौद्योगिकी कानून में पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी की शक्ति देने वाले प्रावधान को खारिज करने को लेकर मीडिया के खिलाफ हल्ला बोलते हुए उसे ‘‘अपराधियों का हिमायती’’ करार दे दिया.

खानने हज यात्रा के लिएकुराअंदाजी (लॉटरी) निकाले जाने के कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं द्वारा उच्चतम न्यायालय के सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा ‘66 अ’ को निरस्त किये जाने के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘आप (मीडिया) लोग अपराधियों के हिमायती हैं.’’ गौरतलब है कि खां के खिलाफ ‘फेसबुक’ पर कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में गत 16 मार्च को गुलरेज खां उर्फ विक्की नामक 19 वर्षीय छात्र को गिरफ्तार किया गया था. खान ने इसे जायज ठहराते हुए कहा था कि कानून ने अपना काम किया और अपराध करने वाले को सजा मिलनी ही चाहिये.
मीडिया पर इस मामले को लेकर खूब बहस हुई थी. अनेक पक्षों ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी और सत्ता की हनक का दुरुपयोग करार दिया था. आज आजम ने इसे लेकर मीडिया को दोषी ठहरा दिया.गौरतलब है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बरकरार रखने संबंधी ऐतिहासिक फैसले में उच्चतम न्यायालय ने आज साइबर कानून के उस प्रावधान को निरस्त कर दिया जो वेबसाइटों पर कथित ‘अपमानजनक’ सामग्री डालने पर पुलिस को किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने की शक्ति देता था.
सोच और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को ‘‘आधारभूत’’ बताते हुए न्यायमूर्ति जे. चेलमेश्वर और न्यायमूर्ति आर. एफ. नरीमन की पीठ ने कहा, ‘‘सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 ए से लोगों के जानने का अधिकार सीधे तौर पर प्रभावित होता है.’’खचाखच भरे अदालत कक्ष में फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति नरीमन ने यह भी कहा कि यह प्रावधान साफ तौर पर संविधान में उल्लिखित अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार को प्रभावित करता है.
इस बीच, विक्की ने अदालत के फैसले पर राहत की सांस लेते हुए कहा कि वह धारा 66 अ के निरस्त होने पर खुश है, लेकिन हाल के दिनों में उसने जो कुछ सहन किया है, उससे वह अंदर तक सिहर गया है.दो दिन तक जेल में रहने वाले विक्की ने कहा कि उसने फेसबुक पर भूलवश जो भी टिप्पणी की, उसके लिये वह शर्मिदा है. उसने कहा, ‘‘जो कुछ हुआ, मैं उससे अभी तक नहीं उबर सका हूं.इसमें अभी वक्त लगेगा.’’
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