यूपी में 20 आईएएस अधिकारियों के हुए तबादले, IAS आरके सिंह बने कानपुर नगर के जिलाधिकारी, देखें लिस्ट
Published by : Sandeep kumar Updated At : 30 Jan 2024 9:28 AM
प्रदेश सरकार ने कई जिलों के जिलाधिकारियों का तबादला कर दिया है. बरेली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह को पीलीभीत का डीएम बनाया गया है. अलीगढ़ के डीएम इंद्र विक्रम सिंह को इसी पद पर गाजियाबाद भेजा गया है. वहीं गाजियाबाद के डीएम आरके सिंह को कानपुर नगर का डीएम बनाया गया है.
प्रदेश सरकार ने सोमवार की देर रात में कई जिलों के जिलाधिकारियों का तबादला कर दिया है. बरेली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह को पीलीभीत का डीएम बनाया गया है. अलीगढ़ के डीएम इंद्र विक्रम सिंह को इसी पद पर गाजियाबाद भेजा गया है. वहीं गाजियाबाद के डीएम आरके सिंह को कानपुर नगर का डीएम बनाया गया है. कानपुर नगर के डीएम विशाख जी. को अलीगढ़ का डीएम बनाया गया है. फर्रुखाबाद के डीएम संजय कुमार सिंह प्रथम को रामपुर भेजा गया है. उधर, रामपुर के डीएम रविंद्र कुमार मंदर को जौनपुर का डीएम बनाया गया है. बता दें की गाजियाबाद और रामपुर के डीएम को चुनाव आयोग की तैनाती की 3 साल की अवधि के मानक के तहत हटाया गया है. इसके अलावा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के विशेष सचिव दिव्यांशु पटेल को मुरादाबाद का नगर आयुक्त और आगरा के मुख्य विकास अधिकारी मनिकनंदन ए. को बरेली विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है. वहीं आईएएस निशा आनंद को जिलाधिकारी अमेठी बनाया गया है. डॉ वीके सिंह को फर्रूखाबाद का डीएम बनाया गया है.
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बता दें कि जून 2022 में डीएम विशाख जी को कानपुर नगर का बनाया गया था. यानी करीब 19 महीने बाद उनका तबादला हुआ है. इससे पहले भी उन्होंने कानपुर में बतौर डीएम एक कार्यकाल किया था. 2011 बैच के विशाख जी मूलतः केरल के इडुक्की के रहने वाले हैं. विशाख अय्यर की पत्नी अपूर्वा दुबे उन्नाव की डीएम हैं. कानपुर में तैनाती से पूर्व विशाख जी मुख्यमंत्री के विशेष सचिव थे. कानपुर में पहली तैनाती के दौरान ताबड़तोड़ एक्शन के लिए विशाख जी चर्चा में रहे हैं. वह एक बार मरीज बनकर उर्सला अस्पताल पहुंच गए थे. वहां लाइन में लगकर पर्चा बनवाया था. मरीज बनकर ही अस्पताल का निरीक्षण किया था.
आरके सिंह यानी राकेश कुमार सिंह 4 जून 2021 को गाजियाबाद के डीएम बने थे. यहां उनका कार्यकाल करीब 32 महीने का रहा, जो एक रिकॉर्ड है. इससे पहले वे मुरादाबाद के डीएम भी करीब साढ़े 4 साल तक रहे हैं. अयोध्या के रहने वाले वाले राकेश सिंह की गिनती व्यवहार कुशल और बेहतर टीम लीडर में होती रही है. यही वजह है कि गाजियाबाद और मुरादाबाद में ही उन्होंने बतौर डीएम करीब 7 साल गुजार दिए. वहीं रामपुर के डीएम रविंद्र कुमार को जौनपुर की जिम्मेदारी दी गई है. रविंद्र कुमार 2013 बैच के आईएएस हैं. मार्च 2021 यानी 34 महीनों से वह रामपुर में तैनात थे. इससे पहले वह फिरोजाबाद में जॉइंट मजिस्ट्रेट, आगरा में चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर रहे हैं. प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान रविंद्र कुमार रामपुर में ही तैनात रहे हैं.
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बरेली डेवलपमेंट अथॉरिटी के उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह को डीएम पीलीभीत बनाया गया है. जोगिंदर सिंह 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. 2016-17 में हमीरपुर में असिटेंट कलेक्टर, 2017-19 ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अलीगढ़, 2019-20 सीडीओ कानपुर देहात और 14 अक्टूबर 2020 से बरेली डेवलपमेंट अथॉरिटी के उपाध्यक्ष थे. पीलीभीत किसान बाहुल्य क्षेत्र है. यहां से भाजपा के वरुण गांधी सांसद हैं. वहीं जौनपुर के डीएम अनुज झा को एसीईओ राज्य निर्वाचन आयोग बनाया गया है. अनुज झा 2009 बैच के आईएएस हैं. वह मुख्य विकास अधिकारी के रुप में झांसी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के रुप में मुरादाबाद, यूपीआरआरडीए के सीईओ, एडिशनल कमिश्नर मनरेगा के पद पर रह चुके हैं. अयोध्या, महोबा, बुलन्दशहर, कन्नौज, रायबरेली के जिलाधिकारी भी रह चुके हैं.
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