जुझारू एएसपी राजेश साहनी की मौत से उठा सवाल क्या कुछ गड़बड़ है यूपी एटीएस में?

Updated at : 01 Jun 2018 1:16 PM (IST)
विज्ञापन
जुझारू एएसपी राजेश साहनी की मौत से उठा सवाल क्या कुछ गड़बड़ है यूपी एटीएस में?

कई अफसर चाहते हैं एटीएस से ट्रांसफरसाहनी की मौत के बाद सवालों के घेरे में एटीएस हरीश तिवारी लखनऊ : पिछले कुछ सालों में बेहतरीन कार्यों को अंजाम देने वाले यूपी एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्कवायड) में ऐसा क्या हो रहा है, जिसके कारण वह सवालों के घेरे में आ रहा है? क्या काम लेकर अफसर […]

विज्ञापन

कई अफसर चाहते हैं एटीएस से ट्रांसफर
साहनी की मौत के बाद सवालों के घेरे में एटीएस

हरीश तिवारी

लखनऊ : पिछले कुछ सालों में बेहतरीन कार्यों को अंजाम देने वाले यूपी एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्कवायड) में ऐसा क्या हो रहा है, जिसके कारण वह सवालों के घेरे में आ रहा है? क्या काम लेकर अफसर दबाव में हैं या फिर राजनैतिक या सत्ता का हस्तक्षेप के कारण दबाव है. या फिर ऐसा कुछ और जिसे अफसर और कर्मचारी दबी जुबान तो बोल रहे हैं, लेकिन खुली जुबान से बोलने के लिए कतरा रहे हैं. क्या इसी चुप्पी ने एक बेहतरीन और जाबांज अफसर की जान ले ली.

असल में ईमानदार व जुझारू एएसपी राजेश साहनी की मौत के बाद यूपी एटीएस सवालों के घेरे में आ गया है. जबकि इससे पहलेतक एटीएस अपने कार्यों को लेकर चर्चा में था. यूपी एटीएस ने पिछले कुछ सालों में अपनी पहचान ऐसे संगठन की बनायी, जिसके नाम पर आंतकी घटनाओं को अंजाम देने वाले कांपते हैं. यूपी एटीएस को इसके लिए सरकार की तरफ से वाहीवाही भी मिली और पुरस्कार भी मिले, लेकिन हकीकत यह है कि एटीएस के भीतर कार्यशैली और प्रताड़ना से परेशान कुछ अफसरों व कर्मचारियों ने बहुत पहले से ही स्थानांतरण के लिए अर्जी दे रखी है. इसका सबसे बड़ा कारण काम का दबाव और अफसरों की मनमानी है.

मंगलवार को एएसपी राजेश साहनी की मौत से आहत एटीएस के इंस्पेक्टर यतींद्र शर्मा ने पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह से इस्तीफे की पेशकश की थी, इसके पीछे एटीएस के बड़े अफसर की प्रताड़ना मुख्य वजह बतायी जा रही है. ऐसे कई और अफसर तथा कर्मचारियों ने स्थानांतरण के लिए प्रार्थना पत्र दे रखे हैं, लेकिन उनके प्रार्थना पत्रों को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है. एटीएस के एक अफसर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि आमतौर पर बैठकों में कोई सलाह देने मात्र से उन्हें निशाना बना लिया जाता है. बताते हैं कि कुछ दिन पहले एटीएस मुख्यालय में हुई बैठक के दौरान स्वर्गीय राजेश साहनी व डिप्टी एसपी अविनाश चंद मिश्र ने सलाह दी थी कि मुख्यालय में अचानक आपरेशन के लिए एक टीम रखी जाए, जिससे आवश्यकता पड़ने पर तुरंत मौके पर भेजा जा सके. यह सुझाव अविनाश चंद मिश्र पर भारी पड़ा और उनका स्थानान्तरण बलरामपुर के नेपाल बार्डर से सटे सर्किल में कर दिया गया.

नियमानुसार मिश्र का स्थानांतरण इसलिए दूर नहीं हो सकता, क्योंकि उनके रिटायर होने में कुछ ही समय बचा है. इसी प्रकार का खमियाजा एटीएस की नोएडा यूनिट में तैनात एक डिप्टी एसपी को भुगतना पड़ा. उन्हें एटीएस मुख्यालय से संबद्ध किया गया. इसके बाद उन्हें सरेआम बेइज्जत किया जाता था. एटीएस में प्रताड़ना के एक नहीं बल्कि कई और मामले है. इसका अंदाजा स्थानांतरण के लिए दिये गये प्रार्थना पत्रों की संख्या देखकर लगाया जा सकता है. जानकारों का कहना है कि एटीएस से स्थानांतरित होने के लिए दिये गये प्रार्थना पत्रों के पीछे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष वजह सिर्फ और सिर्फ प्रताड़ना ही है. इसके साथ ही राजनैतिक दखल को नकारा नहीं जा सकता है. अफसरों का कहना है कि एटीएस में आना तो आसान है लेकिन यहां से निकलना मुश्किल है. जबकि कुछ अफसर मलाई काट रहे हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola