टॉन्सिल ऑपरेशन के बाद मासूम शिवानी की मौत, डीएम के आदेश पर डॉक्टरों समेत 5 पर FIR

Updated:
विज्ञापन
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर

UP News: रायबरेली में टॉन्सिल ऑपरेशन के लिए अस्पताल लाई गई 10 साल की मासूम शिवानी की इलाज में लापरवाही के चलते मौत हो गई. जिलाधिकारी के सख्त निर्देश के बाद दो निजी अस्पतालों के डॉक्टरों और तीन अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है.

विज्ञापन

UP News: रायबरेली की 10 साल की मासूम शिवानी टॉन्सिल का ऑपरेशन कराने अस्पताल पहुंची थी. परिवार को भरोसा था कि कुछ ही घंटों में बेटी स्वस्थ होकर घर लौट आएगी, लेकिन इलाज में हुई लापरवाही ने उस मासूम की जिंदगी छीन ली. दस वर्षीय शिवानी की मौत के बाद जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. डीएम सरनीत कौर ब्रोका के निर्देश पर दो निजी अस्पतालों के डॉक्टरों और तीन अन्य कर्मचारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में इलाज के दौरान लापरवाही के आरोपों की जांच शुरू हो गई है.

इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप

परिजनों के मुताबिक, शिवानी को पहले वेदांता नर्सिंग होम में दिखाया गया था, जहां से उसे टॉन्सिल के ऑपरेशन के लिए शाश्वत नर्सिंग होम भेजा गया. आरोप है कि ऑपरेशन और उसके बाद के उपचार में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिससे बच्ची की हालत लगातार बिगड़ती चली गई. स्थिति गंभीर होने पर उसे लखनऊ रेफर किया गया, जहां कई दिनों तक इलाज के बाद उसकी मौत हो गई. परिजनों का कहना है कि समय पर और उचित उपचार मिलता तो बच्ची की जान बचाई जा सकती थी.

डीएम की सख्ती के बाद दर्ज हुई एफआईआर

इस मामले में कार्रवाई में देरी को लेकर सवाल उठने के बाद जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जवाब तलब किया. उन्होंने जांच में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तत्काल मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए. इसके बाद शहर कोतवाली पुलिस ने वेदांता नर्सिंग होम के डॉ. निशांत सिंह, शाश्वत नर्सिंग होम के डॉ. अमित सिंह और दोनों अस्पतालों से जुड़े तीन अन्य कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली.

स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी उठे सवाल

शिवानी की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई. मामले की जांच और कार्रवाई को लेकर विभाग पर सुस्ती बरतने के आरोप लगे. प्रशासनिक स्तर पर भी इस बात को गंभीरता से लिया गया कि शिकायत के बावजूद अपेक्षित गति से कार्रवाई नहीं हुई. डीएम ने स्पष्ट किया कि जांच निष्पक्ष होगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही या जिम्मेदारी तय होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस ने शुरू की विस्तृत जांच

एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है. जांच के दौरान ऑपरेशन से जुड़े दस्तावेज, उपचार रिकॉर्ड, रेफरल की परिस्थितियां और संबंधित डॉक्टरों व कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मामले पर जिले भर की निगाहें टिकी हुई हैं.


विज्ञापन
राधेश्याम कुशवाहा

लेखक के बारे में

By राधेश्याम कुशवाहा

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola