बरेली में 10 साल के हन्नान ने पेश की ईमानदारी की ऐसी मिसाल, जिसे जानकर आप हो जाएंगे हैरान, पढ़िए पूरी खबर
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 22 Apr 2022 7:18 AM
मासूम हन्नान को रास्ते में 5 लाख रुपए से भरा बैग मिला था. बैग मिलने के बाद हन्नान ने रुपयों के मालिक की काफी तलाश की. मगर, वह नहीं मिला. इसके बाद उसने यह बैग अपनी मां के हाथ में रख दिया. मगर, मां ने भी ईमानदारी की मिशाल कायम की, और उन्होंने...
Bareilly News: आज के इस दौर में ऐसे बहुत कम लोग मिलते हैं, जो ईमानदारी के पाठ को जिंदा रखें, लेकिन जब कोई रुपयों से भरा बैग वापस कर दे, तो लगता है कि हां आज भी इंसानियत जिंदा है. जीवन में कुछ लोगों के लिए रुपया पैसा कुछ भी मायने नहीं रखता. असली धन तो इंसान का ईमान है. यह कोई सीखे बरेली की नगर पंचायत ठिरिया निजावत खां के 10 वर्षीय हन्नान और उसकी मां तरन्नुम से. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला…
दरअसल, मासूम हन्नान को रास्ते में 5 लाख रुपए से भरा बैग मिला था. यह बैग मिलने के बाद हन्नान ने लेकर रुपयों के मालिक की काफी तलाश की. मगर, वह नहीं मिला. इसके बाद उसने यह बैग अपनी मां के हाथ में रख दिया. मगर, मां ने भी ईमानदारी की मिशाल कायम की. उसने तुरंत बेटे को रुपयों के भरे मालिक को देने की सलाह दी. मां के कहने पर वह दोबारा वहीं बैग लेकर पहुंचा. जहां बैग पड़ा मिला था. काफी देर तक धूप में खड़े होकर इंतजार किया. इसके बाद बैग का मालिक पहुंच गया. उसने ठेकेदार को बैग सुपुर्द किया.
कैंट थाना क्षेत्र की ठिरिया निजावत खां के हन्नान के पिता ऑटो मैकेनिक हैं, जिसके चलते परिवार के आर्थिक हालात बहुत अच्छी नहीं हैं. मगर, साबरी पब्लिक स्कूल में कक्षा 6 में पढ़ने वाले हन्नान की ईमानदारी की तारीफ नगर पंचायत ही नहीं आस पड़ोस के गांवों में भी हो रही है. वह गुरुवार को घर से कुछ सामान लेने बाहर गया था. इसी दौरान सड़क से गुजरते ऑटो में बैठे एक व्यक्ति का बैग सड़क पर गिर गया. हन्नान बैग उठाकर ऑटो के पीछे देने के लिए काफी दूर तक दौड़ा. मगर, वह उसे नहीं पकड़ पाया.
इसके बाद वह बैग लेकर घर पहुंच गया. उसने मां तरन्नुम को पूरी बात बताई. तरन्नुम ने बैग खोलकर देखा, तो वह हैरान रह गई. मां ने अपने बेटे को बैग लेकर वहीं जाकर खड़े होने को कहा. जहां ऑटो से बैग गिरा था. जिससे बैग का मालिक उसे तलाश करने आए, तो उसे वापस लौटा दिया जाए. मां के कहने पर मासूम हन्नान धूप में ही सड़क पर खड़ा हो गया.
वह धूप में सड़क पर खड़ा था. कुछ ही देर बाद मस्जिद ख्वाजा गरीब नवाज से ऐलान हुआ कि किसी को कोई बैग मिला हो तो लौटा दें. हन्नान ऐलान सुनने के बाद मस्जिद पहुंचा. उसने रुपयों से भरा बैग ठेकेदार फिरासत हैदर खां को लौटा दिया.
छात्र हन्नान की ईमानदारी का किस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसकी हर कोई तारीफ कर रहा है. इसके बाद हन्नान के स्कूल मैनेजमेंट ने उसकी एक साल की फीस माफ कर दी. उसकी ड्रेस और किताबें भी देने का भी वायदा किया है.
हन्नान ने बताया कि उसकी मां ने पैसे खोलकर देखें जरूर थे.मगर, नोटों के बंडल देखने के बाद बोलीं, जिसके यह गिरे होंगे.उसका क्या हाल होगा. यह सोचकर तुरंत बेटे को वापस बैग देने के लिए भेज दिया.
ठेकेदार फिरासत हैदर खां ने बताया की ठिरिया निजावत खां कार से आए थे. मगर, सड़क काफी पतली थी. इसलिए ऑटो पकड़ लिया. रकम का बैग कपड़ों के बैग में रखा था. रास्ते में कपड़ों के बैग का मुंह खुला रह गया. इसलिए नोटों वाला बैग गिर गया. कुछ दूर जाने के बाद उन्हें पता चला. मगर, तब तक बैग रास्ते में नहीं मिला. काफी तलाश किया. मगर, बैग नहीं मिला. इसके बाद जब उन्हें बैग मिला तो हन्नान की ईमानदारी ने उन्हें भी अपना कायल बना दिया.
रिपोर्ट: मुहम्मद साजिद
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