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Kanpur News: आम आदमी बनकर मंडलायुक्त ने ई-बसों का किया औचक निरीक्षण, लापरवाही के मामले में 4 पर कार्रवाई

कानपुर मंडलायुक्त ने शहर में ई-बसों का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने दो अलग-अलग बसों में सफर किया और दोनों में ही खामियां सामने आईं. जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.

By Prabhat Khabar Digital Desk, Kanpur
Updated Date
मंडलायुक्त ने ई-बसों का किया औचक निरीक्षण
मंडलायुक्त ने ई-बसों का किया औचक निरीक्षण
Prabhat khabar

Kanpur News: कानपुर मण्डल के आयुक्त डॉ राजशेखर ने आज कानपुर में चल रही ई-बसों की ग्राउंड रियलिटी को परखने के लिये आम यात्री बनकर औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने दो अलग-अलग बसों में सफर किया और दोनों में ही खामियां सामने आईं. जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की.

ग्राउंड रियलिटी जांचने के लिए मंडलायुक्त ने दो अलग-अलग बसों में मोतीझील से यूनिवर्सिटी तक और रामा डेंटल से गोल चौराहा तक का सफर किया. यात्रा के दौरान उन्हें दोनों ही बसों में कई खामियां देखने को मिली. पहली बस नंबर यूपी 78 जीटी 3576 पर मोती झील से कानपुर यूनिवर्सिटी तक और दूसरी बस यूपी 78 जीटी 3969 से रामा डेंटल से गोल चौराहा तक यात्रा की. मंडलायुक्त ने औचक निरीक्षण में पाया कि चालकों ने बस की गति का ध्यान नहीं रखा. यात्रियों को लेने और छोड़ने के लिए बसों को सड़क के बीच में रोक दिया जाता था. जोकि यातायात सुरक्षा की दृष्टिकोण से उचित नहीं था.

दोनों ही बसों के चालकों ने सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं किया था. उनमें से एक ने फेस मास्क तो पहन रखा था, लेकिन वह उसकी ठुड्डी पर था. अन्य बस के चालक ने मास्क ही नहीं पहना हुआ था. इस मामले में कार्रवाई करते हुए आयुक्त ने दोनों चालकों को 1 माह के लिए ड्यूटी से हटाने एवं कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया.

इसी तरह बस नंबर यूपी 78 जीटी 3576 के एक कंडक्टर ने मास्क नहीं पहना था और वह ड्यूटी के दौरान गुटका खाते हुए पाया गया. वहीं वह फुल यूनिफॉर्म में भी नहीं था. बस नंबर यूपी 78 जीटी 3576 के कंडक्टर ने मास्क पहन रखा था लेकिन ठुड्डी पर था. इस कंडक्टर ने पहले एक सहयात्री से 5 लिए और टिकट जारी नहीं किया बाद में जब सहयात्री ने टिकट मांगा तो कंडक्टर ने 5 और लिए फिर 10 टिकट जारी किया. दोनों मामले को देखते हुए कमिश्नर ने दोनों कंडक्टर को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटाने का आदेश दे दिया.

यह दोनों कंडक्टर सेवा प्रदाता के माध्यम से संविदा सेवा पर थे. औचक निरीक्षण के दौरान आम यात्री बने मंडलायुक्त ने पाया की बसों के अंदर हेल्पलाइन नंबर का कोई लिखित रूप से प्रदर्शन नहीं है और बसों के अंदर कोई रूट वहन और स्टाप वाइज टिकट शुल्क सूची भी प्रदर्शित नहीं थी. इस पर आयुक्त ने ई बस के एआरएम को चेतावनी जारी की और एमडी सिटी बस सेवाओं को निर्देश दिया कि उपरोक्त दोनों चीजों को अगले 15 दिन में सभी बसों में प्रदर्शित करें और सभी बसों की तस्वीरों के साथ आयुक्त को लिखित में एक रिपोर्ट देने को कहा.

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