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Ram Navami 2020 Date : रामनवमी पर शुभ मुहूर्त में करें पूजा, ऐसे करें हवन और आरती

Updated at : 02 Apr 2020 6:46 AM (IST)
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Ram Navami 2020 Date : रामनवमी पर शुभ मुहूर्त में करें पूजा, ऐसे करें हवन और आरती

Ram Navami 2020 Date, significance, puja vidhi, hawan process and aarti in Hindi: इस वर्ष राम नवमी Ram Navami 02 अप्रैल 2020 दिन गुरुवार को है.गुरुवार का दिन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना का विशेष दिन माना जाता है. राम विष्णु के ही अवतार हैं और क्योंकि गुरुवार के दिन इस साल रामनवमी पड‍़ रही है इसलिए इसका महत्व और अधिक हो जाता है.रामनवमी Ram Navami 2020 के त्यौहार का महत्व हिंदु धर्म में काफी ज्यादा है. इस पर्व के साथ ही मां दुर्गा के चैत नवरात्रों का समापन भी होता है. रामनवमी की पूजा में पहले देवताओं पर जल, रोली और लेपन चढ़ाया जाता है, इसके बाद मूर्तियों पर मुट्ठी भरके चावल चढ़ाये जाते हैं. हवन व पूजा के बाद आ‍रती की जाती है. कुछ लोग इस दिन व्रत भी रखते है. आइये जानते हैं रामनवमी पूजा विधि , हवन और आरती से जुड़ी बातें-

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8:15 PM. 1 Apr 208:15 PM. 1 Apr

राम नवमी के दिन ही भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ था। अयोध्या में वैसे तो प्रभु राम के जन्मोत्सव पर भव्य कार्यक्रम होते हैं लेकिन इस साल कोरोना के कारण सभी सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिये गये हैं।

6:59 PM. 1 Apr 206:59 PM. 1 Apr

Ram Navami 2020, shubh muhurt: इस साल चैत्र शुक्ल नवमी तिथि 02 अप्रैल 2020 दिन गुरुवार को सुबह 03.40 बजे से शुरु हो रहा है, जो 03 अप्रैल 2020 को सुबह 02.43 बजे तक रहेगा। इस दिन राम नवमी मध्याह्न का मुहूर्त 02 घंटे 30 मिनट का बन रहा है। आप सुबह 11.10 बजे से दोपहर 01.40 बजे तक भगवान श्री राम का जन्मोत्सव मना सकते हैं।

6:59 PM. 1 Apr 206:59 PM. 1 Apr

श्री राम श्लोक

लोकाभिरामं रणरंगधीरं राजीवनेत्रं रघुवंशनाथम्।कारुण्यरूपं करुणाकरं तं श्रीरामचन्द्रं शरणं प्रपद्ये॥

5:02 PM. 1 Apr 205:02 PM. 1 Apr

Ram Navami 2020 Date, significance, puja vidhi, hawan process and aarti in Hindi: इस वर्ष राम नवमी Ram Navami 02 अप्रैल 2020 दिन गुरुवार को है.गुरुवार का दिन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना का विशेष दिन माना जाता है. राम विष्णु के ही अवतार हैं और क्योंकि गुरुवार के दिन इस साल रामनवमी पड‍़ रही है इसलिए इसका महत्व और अधिक हो जाता है.रामनवमी Ram Navami 2020 के त्यौहार का महत्व हिंदु धर्म में काफी ज्यादा है. इस पर्व के साथ ही मां दुर्गा के चैत नवरात्रों का समापन भी होता है. रामनवमी की पूजा में पहले देवताओं पर जल, रोली और लेपन चढ़ाया जाता है, इसके बाद मूर्तियों पर मुट्ठी भरके चावल चढ़ाये जाते हैं. पूजा के बाद आ‍रती की जाती है. कुछ लोग इस दिन व्रत भी रखते है.

आइये जानते हैं रामनवमी पूजा विधि , हवन और आरती से जुड़ी बातें-

5:02 PM. 1 Apr 205:02 PM. 1 Apr

पूजा विधि (Ram Navami Puja Vidhi)

पुराणों के अनुसार, भगवान श्रीराम का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था .यही कारण है कि इस दिन तीसरे प्रहर तक व्रत रखा जाता है और दोपहर में ही रामनवमी का त्योहार मनाया जाता है। आज के दिन व्रत रखकर भगवान श्रीराम और रामचरितमानस की पूजा जरुर करनी चाहिए. स्वच्छ वस्त्र धारण कर पूजा गृह को शुद्ध कर लें .स्नान इत्यादि करके पवित्र होकर पूजास्थल पर पूजन सामग्री के साथ बैठकर भगवान श्रीराम की मूर्ति को शुद्ध पवित्र ताजे जल से स्नान कराकर नवीन वस्त्र व आभूषणों से सज्जित करें और फिर धूप ,दीप, आरती, पुष्प, पीला चंदन आदि अर्पित करते हुए भगवान श्री राम की पूजा करें. रामायण में वर्णित श्रीराम जन्म कथा का श्रद्धा पूर्वक पाठ के साथ ही भक्त रामायण का अखण्ड पाठ भी करते हैं. भगवान श्रीराम को दूध, दही, घी, शहद, चीनी मिलाकर बनाया गया पंचामृत तथा श्रीराम के सबसे प्रिय पदार्थ खीर भोग के रुप में अर्पित किया जाता है. भगवान श्रीराम का भजन, पूजन, कीर्तन आदि करने के बाद प्रसाद को पंचामृत सहित श्रद्धालुओं में वितरित करने के बाद व्रत खोलने का विधान है.

5:02 PM. 1 Apr 205:02 PM. 1 Apr

राम नवमी पर ऐसे करें हवन- (Ram Navami Hawan)

हवन सामग्री-

*आम की लकड़ी ,

*आम का पल्लव,

*पीपल का तना और छाल,

*चंदन की लकड़ी,

*मुलैठी जड़,

*कर्पूर,

*तिल,

*चावल,

*लौंग,

*गाय घी,

*इलायची,

*शक्कर

*पंचमेवा ,

*सूखा नारियल

*जौ

*गंगाजल

5:02 PM. 1 Apr 205:02 PM. 1 Apr

हवन विधि : (Ram Navami Puja Vidhi)

*स्नान ध्यान करके साफ सुथरा वस्त्र धारण करें ,

*पति पत्नी दोनों जोड़ों के साथ वस्त्र गांठ बांधकर हवन वेदी के पास हवन करने बैठें.

*इससे पुण्य की प्राप्ति होती है.

*सभी वस्तुओं को शहद व घी में मिलाकर हवन के लिए तैयार कर लें.

*हवन कुंड साफ स्थान पर ही बनाना चाहिए.

*हवन कुंड के जगह पर दुकान में बनी हवन वेदी भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

*आम की लकड़ी और कर्पूर से हवन कुंड की अग्नि को प्रज्वलित करें.

* घी से ‘ ऊँ ऐं हीँ क्लीं चामुण्डायै विच्चै नमः ‘ मंत्र जाप से सभी देवी देवता को आहुति दें.

*प्रत्येक देवी देवता को कम से कम 3 या 5 बार आहुति पड़ेगी.

*अब संपूर्ण हवन सामग्री से 108 बार हवन करें.

*हवन समाप्त होने के बाद आरती करें

*उसके बाद माता को भोग लगाएं

*हवन पूर्ण होने पर कन्या भोजन कराएं.

5:02 PM. 1 Apr 205:02 PM. 1 Apr

श्री राम चंद्र की आरती : (Shri ram chandra Kripalu Bhajmanu)

श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्।

नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।

कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।

पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।।

भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।

रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।।

सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।

आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं।।

इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।

मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।

छंद :

मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सावरों।

करुना निधान सुजान सिलू सनेहू जानत रावरो।।

एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हिय हरषी अली।

तुलसी भवानी पूजि पूनी पूनी मुदित मन मंदिर चली।।

।।सोरठा।।

जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि।

मंजुल मंगल मूल वाम अंग फरकन लगे।

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ThakurShaktilochan Sandilya

लेखक के बारे में

By ThakurShaktilochan Sandilya

डिजिटल मीडिया का पत्रकार. प्रभात खबर डिजिटल की टीम में बिहार से जुड़ी खबरों पर काम करता हूं. प्रभात खबर में सफर की शुरुआत 2020 में हुई. कंटेंट राइटिंग और रिपोर्टिंग दोनों क्षेत्र में अपनी सेवा देता हूं.

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