तस्करों से छुड़ाये गए 16 ऊंटों को वाराणसी से राजस्थान भेजने के आदेश, जानें क्या है पूरा मामला
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 08 Jul 2022 7:30 PM
बरामद 16 ऊंटों की देखभाल वाराणसी के रामनगर पुलिस कर रही थी. बरामद 16 ऊंटों अब राजस्थान के सिरोही ले जाने का आदेश वाराणसी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर 1 ने दिया है. कोर्ट ने ऊंटों नई दिल्ली के एनजीओ गौ ज्ञान की अंतरिम कस्टडी सौंपने का...
Varanasi News: बागपत से तस्करी कर 16 ऊंट को पश्चिम बंगाल लेकर जा रहे डीसीएम ट्रक को रामनगर पुलिस ने कुछ दिन पहले पकड़ा गया था. इसके बाद रामनगर पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार तीनों तस्कर जेल में है.
बरामद 16 ऊंटों की देखभाल वाराणसी के रामनगर पुलिस कर रही थी. बरामद 16 ऊंटों अब राजस्थान के सिरोही ले जाने का आदेश वाराणसी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर 1 ने दिया है. कोर्ट ने ऊंटों नई दिल्ली के एनजीओ गौ ज्ञान की अंतरिम कस्टडी सौंपने का और वाराणसी डीएम सभी ऊंटों को सकुशल राजस्थान के सिरोही स्थित पीपुल फॉर एनिमल आश्रय स्थल पहुंचाने के लिए व्यवस्था कराए. नई दिल्ली की एक एनजीओ गौ ज्ञान की स्वयंसेविका आर लतादेवी ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी.
अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने अदालत में बताया की बीते 27 जून को रामनगर थाने की पुलिस ने गौ ज्ञान फाउंडेशन की सूचना पर 16 ऊंटों को तस्करों से मुक्त कराया था. पुलिस ने तीन तस्करों को गिरफ्तार किया था. बरामद सभी ऊंटों को रामनगर पुलिस ने रामनगर क्षेत्र में ही है. सौरभ तिवारी ने बताया की ऊंटों के लिए यहां का मौसम और वातावरण यहा का नहीं है. इस वजह से उनकी तबियत खराब हो रही है. यही स्थिति रही तो उनकी मौत हो सकती है. इसलिए अदालत में याचिका दाखिल कर कोर्ट से अनुरोध किया गया था. सभी ऊंटों को राजस्थान के सिरोही स्थित पीपुल फॉर एनिमल आश्रय स्थल पहुंचाने का आदेश दिया जाए. वहां ऊंटों की देखरेख उनके अनुकूल मौसम में अच्छे से हो पाएगी और उनका जीवन सुरक्षित रहेगा.
अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने बताया की ऊंटों को जिस गाड़ी में बंगाल ले जाया जा रहा था, उसके मालिक ने भी कोर्ट में एप्लीकेशन देकर ऊंटों की कस्टडी मांगी थी और गाड़ी को रिलीज करने का अनुरोध भी किया था. गाड़ी मालिक के अनुसार ऊंट को वह खरीद कर ले जा रहा था. अदालत में दलील दी गई कि मवेशियों से संबंधित कानून के अनुसार केस का निपटारा होने तक जब तक गाड़ी और ऊंट वाहन मालिक को नहीं दिया जा सकता. अदालत ने इस आधार पर वाहन मालिक की एप्लीकेशन को खारिज कर दिया.
रिपोर्ट : विपिन सिंह
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