ePaper

नवीन पटनायक ने बिगाड़ा पीएम मोदी का प्लान! राम मंदिर से पहले पुरी में श्रीमंदिर परिक्रमा प्रोजेक्ट का उद्घाटन

Updated at : 07 Nov 2023 8:54 PM (IST)
विज्ञापन
नवीन पटनायक ने बिगाड़ा पीएम मोदी का प्लान! राम मंदिर से पहले पुरी में श्रीमंदिर परिक्रमा प्रोजेक्ट का उद्घाटन

अयोध्या में भव्य मंदिर के उद्घाटन से पहले नवीन पटनायक ने पुरी के श्रीमंदिर परिक्रमा प्रोजेक्ट के उद्घाटन की तैयारी कर ली है. इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन 17 जनवरी 2024 को होगा. बताया जा रहा है कि ओडिशा विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर ही नवीन पटनायक ने सॉफ्ट हिंदुत्व का कार्ड खेला है.

विज्ञापन

लोकसभा चुनाव 2024 में होंगे. इसी साल ओडिशा में विधानसभा के भी चुनाव होने हैं. उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य राम मंदिर बनकर लगभग तैयार हो गया है. 22 जनवरी को राम मंदिर का उद्घाटन होगा. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई केंद्रीय मंत्री और कई राज्यों के मुख्यमंत्री एवं अन्य वीआईपी शामिल होंगे. पीएम मोदी का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसे वर्ष 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का ब्रह्मास्त्र माना जा रहा था. लेकिन, ओडिशा के मुख्यमंत्री और पीएम मोदी के पुराने मित्र नवीन पटनायक ने बीजेपी के इस ब्रह्मास्त्र की काट खोज ली है. अयोध्या में भव्य मंदिर के उद्घाटन से पहले नवीन पटनायक ने पुरी के श्रीमंदिर परिक्रमा प्रोजेक्ट के उद्घाटन की तैयारी कर ली है. इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन राम मंदिर के उद्घाटन से पांच दिन पहले 17 जनवरी 2024 को होगा. बताया जा रहा है कि ओडिशा विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर ही नवीन पटनायक ने सॉफ्ट हिंदुत्व का कार्ड खेला है. बीजेपी को भी इस बात का एहसास है. यही वजह है कि बीजेपी के बड़े नेता पृथ्वीराज हरिचंद्रन ने कहा है कि बीजेपी अयोध्या में राम मंदिर के अभिषेक से डरी हुई थी. इसलिए उसने मंदिर पुनर्विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाया. हरिचंद्रन ने कहा कि बीजू जनता दल (बीजेडी) खुद को सेक्युलर पार्टी बताती है. लेकिन, उसे 23 साल के बाद हिंदुत्व की याद आई है.

ओडिशा में राम मंदिर का लाभ नहीं ले पाएगी बीजेपी!

ओडिशा विधानसभा चुनाव में बीजेपी राम मंदिर के नाम पर वोटर को न लुभा पाए, इसी वजह से ओडिशा में नवीन पटनायक ने इसकी तैयारी की. जिस तरह राम मंदिर पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है, उसी तरह श्रीमंदिर परिक्रमा प्रोजेक्ट नवीन पटनायक का ड्रीम प्रोजेक्ट है. इसका उद्घाटन भी राम मंदिर की तरह ही भव्य होगा. बताया जाता है कि नवीन पटनायक भगवान जगन्नाथ की नगरी पुरी को इंटरनेशनल हेरिटेज सिटी में तब्दील करना चाहते हैं. इसलिए इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी उन्होंने अपने सबसे विश्वसनीय वीके पांडियन को सौंपी थी. 12वीं सदी के जगन्नाथ मंदिर को सजाने-संवारने और श्रीमंदिर परिक्रमा प्रोजेक्ट पर ओडिशा सरकार ने 800 करोड़ रुपए खर्च किए हैं. मंदिर के चारों ओर 75 मीटर की दीवार खड़ी की गई है.

Also Read: ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पुरी से लड़ेंगे चुनाव! शशि भूषण बेहेरा ने कही ये बात

श्रीमंदिर परिक्रमा प्रोजेक्ट के उद्घाटन से पहले पूजन-हवन

परिक्रमा प्रोजेक्ट के उद्घाटन से पहले विशेष पूजा और हवन का आयोजन होगा. इससे पहले भी अभी कई काम होने बाकी हैं. ये जानकारी पुरी के शाही परिवार के वंशज और श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष दिब्यसिंघा देब ने दी. बताया जाता है कि उद्घाटन के दिन जगन्नाथ मंदिर के चार द्वारों पर वेदों का पाठ होगा. एक बड़ा हवन और संकीर्तन की भी योजना है. जगन्नाथ मंदिर के मुख्य प्रशासक रंजन दास कहते हैं कि 17 जनवरी को उद्घाटन से पहले 15 जनवरी से ही कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे. 15 जनवरी को पूजन और हवन होगा. जगह-जगह जगन्नाथ मंदिरों में कार्यक्रमों के आयोजन की भी योजना है. हालांकि, समारोह में कौन-कौन लोग शामिल होंगे, अतिथि कौन होंगे, इसकी रूपरेखा बाद में तय की जाएगी. अतिथियों की लिस्ट सरकार से परामर्श के बाद तैयार की जाएगी.

Also Read: ओडिशा में मिशन शक्ति स्कूटर : सीएम नवीन पटनायक ने 15 हजार महिलाओं को सौंपी स्कूटर की चाबी

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola