ज्ञानवापी पर अजय मिश्रा की सर्वे रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले दावे, देवी-देवताओं की मूर्तियों का भी जिक्र
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 19 May 2022 9:11 AM
Gyanvapi Survey: ज्ञानवापी परिसर में सर्वे की पहली रिपोर्ट पूर्व कोर्ट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा ने कोर्ट को सौंप दी है. दो पेज की रिपोर्ट में ज्ञानवापी मस्जिद की पिछली दीवार पर शेषनाग और देवी देवताओं की कलाकृति की फोटो और वीडियोग्राफी कराने का जिक्र किया गया है.
Varanasi Gyanvapi Case: ज्ञानवापी परिसर में सर्वे की पहली रिपोर्ट पूर्व कोर्ट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा ने कोर्ट को सौंप दी है. दो पेज की रिपोर्ट में ज्ञानवापी मस्जिद की पिछली दीवार पर शेषनाग और देवी देवताओं की कलाकृति की फोटो और वीडियोग्राफी कराने का जिक्र किया गया है. इसमें दीवार के उत्तर से पश्चिम की ओर शिलापट्ट पर सिंदूरी रंग की उभरी हुई कलाकृति का भी जिक्र है. रिपोर्ट में देव विग्रह के रूप में चार मूर्तियों की आकृति नज़र आयी है. इस आंशिक रिपोर्ट को कोर्ट ने बुधवार को अपने रिकॉर्ड में ले लिया था.
दो पेज की रिपोर्ट में तत्कालीन एडवोकेट कमिश्नर ने न्यायालय को बताया कि 6 मई को हुई जांच में चौथी आकृति मूर्ति के रूप में प्रतीत हो रही है, और उस पर सिंदूर का मोटा लेप लगा हुआ है. दीपक जलाने के उपयोग में लाया गया त्रिकोणीय ताखा (गंउखा) में फूल रखे हुए थे. पूर्व दिशा में बैरिकेडिंग के अंदर और मस्जिद की पश्चिम दीवार के बीच मलबे का ढेर मिला है. यह शिलापट्ट भी उन्हीं का हिस्सा प्रतीत हो रहा है. इन पर उभरी हुई कलाकृतियां मस्जिद की पश्चिम दीवार पर उभरी कलाकृतियों से मेल खाती दिख रही हैं.
पूर्व वकील कमिश्नर ने मस्जिद के परिसर के अंदर हिंदू मंदिरों के साक्ष्य मलबे और यहां तक की दीवारों पर हिंदू आस्था के प्रतीक चिन्हों के मिलने का दावा किया. उन्होंने अपनी रिपोर्ट में साफ तौर पर लिखा कि विरोध की वजह से कार्यवाही सीमित समय तक ही हो पाई है.
पहले दिन दिन की कार्यवाही शाम 5:45 पर खत्म हो गई थी. यह कार्यवाही बीते 6 मई को 3: 30 पर शुरु हुई थी. 6 मई को सूर्यास्त होने के कारण सर्वे को रोकना पड़ा था और 7 मई को फिर 3 बजे कार्रवाई शुरू की गई थी, लेकिन कार्यवाही में प्रतिवादी संख्या एक और तीन ने असहयोग और अपनी जिम्मेदारियों का दायित्व सही ढंग से निर्वहन न करने के कारण एक दूसरे के ऊपर आरोप प्रत्यारोप करने की वजह से विवादित स्थल पर जिसके बाबत कमीशन रिपोर्ट की मांग की गई थी.
अजय मिश्र ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि निरीक्षण करते हुए विवादित स्थल के मूल स्थान बैरिकेडिंग के बाहर उत्तर से पश्चिम दीवार के कोने पर पुराने मंदिरों के मलबे जिस पर देवी-देवताओं की कलाकृति तथा अन्य शिलापट्ट कमल की कलाकृति देखी गई है. पत्थरों के भीतर की तरफ कुछ कलाकृतियां आकार के स्पष्ट रूप से कमल और अन्य इलाके में आकृतियां दिखी हैं. छड़ ,गिट्टी, सीमेंट से चबूतरे पर नया निर्माण किया गया है.
सर्वे रिपोर्ट में बताया गया कि, ऊतर से पश्चिम की तरफ़ चलते हुए मध्य शिलापट्ट पर शेषनाग बनते दिख रहे हैं. शिलापट्ट पर सिंदूरी रंग की चार मूर्तियां दिखाई दे रही हैं. चौथी मूर्ति पर सिंदूर का मोटा लेप लगा हुआ है. इसके आगे के हिस्से में त्रिकोणीय ताखा है. अंदर की तरफ मिट्टी और एक अलग शिलापट्ट भी है. इसपर भी देवताओं की आकृति स्पष्ट रूप से दिख रही हैं. लंबे समय से भूमि पर पड़े शिलापट्ट प्रथमदृष्टया किसी बड़े भवन के खंडित अंश लगते हैं. इनके पीछे पूर्व दिशा बैटिंग के अंदर मस्जिद की पश्चिम दीवार के बीच मलबे का ढेर पड़ा है.
रिपोर्ट- विपिन सिंह
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