UP News: बरेली में नौकरी की मांग को लेकर धरने पर बैठे किसान की मौत, इफको फैक्ट्री में मचा हड़कंप

Updated at : 30 Jul 2022 10:44 PM (IST)
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UP News: बरेली में नौकरी की मांग को लेकर धरने पर बैठे किसान की मौत, इफको फैक्ट्री में मचा हड़कंप

इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे. मगर, शनिवार रात इलाज से पहले ही रास्ते में किसान की मौत हो गई. इससे फैक्ट्री प्रबंधन में हड़कंप मच गया. पुलिस ने शव कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम को भेज दिया है, लेकिन बुजुर्ग किसान की मौत से धरने पर बैठे किसानों में काफी गुस्सा है.

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Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली के आंवला में स्थित इफको (खाद) फैक्ट्री के गेट पर नौकरी की मांग को लेकर धरने पर बैठे एक किसान की हालत बिगड़ गई. उसको इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे. मगर, शनिवार रात इलाज से पहले ही रास्ते में किसान की मौत हो गई. इससे फैक्ट्री प्रबंधन में हड़कंप मच गया. पुलिस ने शव कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम को भेज दिया है, लेकिन बुजुर्ग किसान की मौत से धरने पर बैठे किसानों में काफी गुस्सा है.

बरेली की इफको फैक्ट्री के गेट के बाहर नौकरी की मांग को लेकर किसान धरना दे रहे हैं. इन किसानों के बीच बैठे भमोरा थाने के नौगवा एरान गांव निवासी जय सिंह यादव (65 वर्ष) की तबीयत बिगड़ गई. उनको इलाज के लिए जिला अस्पताल लाते समय शनिवार रात रास्ते में ही मौत हो गई. पुलिस ने शव कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम को भेज दिया. मृतक के परिजनों ने बताया कि जय सिंह की भूमि इफको फैक्ट्री के निर्माण के समय ली गई थी. उस वक्त फैक्ट्री प्रबंधन ने जमीन देने वाले किसानों से उनके परिजनों को फैक्ट्री में नौकरी देने का वायदा किया था.

फैक्ट्री निर्माण के वक्त 1132 किसानों से कृषि भूमि ली गई थी, लेकिन फैक्ट्री चलने के प्रबंधन ने वायदे के अनुसार नौकरी नहीं दी.इसमें सिर्फ 208 किसानों को फैक्ट्री में स्थाई नौकरी मिली. मगर, अन्य किसानों या उनके परिजनों को अस्थाई तौर पर नौकरी में रखा.इसके बाद धीरे-धीरे करके उनका समय भी कम कर दिया गया. इसको लेकर पिछले साल दिसंबर माह से भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले इफको फैक्ट्री के बाहर नौकरी प्राप्त करने के लिए किसान धरना दे रहे हैं. जय सिंह यादव भी इसी धरने में शामिल होने के लिए आते थे. वह अपने स्थान पर अपने किसी बेटे को नौकरी दिलाना चाहते थे.

वह कई दिन तक धरने में शामिल होने के बाद वापस अपने घर लौट जाते थे. वह धरने में शामिल होने आए थे.धरने में उनकी हालत अचानक बिगड़ने लगी, तब पास बैठे किसानों ने उन्हें इलाज के लिए भमोरा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया. घटना की सूचना मिलते ही आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए. एसडीएम आंवला भी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे.उन्होंने हालत गंभीर होने पर जय सिंह को इलाज के लिए जिला अस्पताल भिजवाया था, लेकिन उनकी रास्ते में मौत हो गई.अस्पताल के डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है. इस घटना की जानकारी आला अधिकारियों को मिली. इसके बाद डीएम,एसपी देहात और एसडीएम आंवला समेत तमाम अफसर रात में ही पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे. उन्होंने मृतक के परिजनों को सांत्वना दी.इसके साथ ही हर संभव मदद का आश्वासन दिया. मृतक की पत्नी रामबेटी और तीन बेटों- दो बेटियों का रो रोकर बुरा हाल है.

रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद

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