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Holika Dahan 2022 LIVE: यहां पढ़ें होलिका दहन की पूजा का तरीका, महत्व, मंत्र और सबकुछ…

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Holika Dahan 2022 LIVE: आज रात होलिका दहन का पर्व मनाया जाएगा. फिर 18 मार्च शुक्रवार को होली खेली जाएगी. उमंग, उल्लास, खुशियों और रंगों का त्योहार होली फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है. फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन होलिका दहन और उसके दूसरे दिन होली खेलने का रिवाज है.

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इस वीडियो के जरिए जानिए होलिका दहन का महत्व…

Holika Dahan 2022 LIVE: आज है होलिका दहन, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, पूजा के समय जरूर पढ़ें ये कथा

पांडे हाता में होने वाले होलिका दहन में शामिल हुए सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे गोरखपुर, योगी गोरखनाथ मंदिर पहुंचने के बाद किया गुरु गोरखनाथ का दर्शन उसके बाद ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर टेका मत्था. अभी थोड़ी देर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पांडे हाता में होने वाले होलिका दहन कार्यक्रम में करेंगे शिरकत.

Holika Dahan 2022: होलिका भस्म घर लाने से दूर होती है नकारात्मकता

होलिका की भस्म के लिए एक मान्यता यही है कि इसे घर में लाने से घर से नकारात्मक और अशुभ शक्तियों का प्रभाव खत्म होता है. इसलिए लोग इसे घर में लाकर रखते हैं .. वहीं कुछ लोग इसे ताबीज में भरकर घारण करते हैं, ताकि नकारात्मक शक्तियों और तंत्र-मंत्र के प्रभाव से बच सकें.

होलिका दहन में इन सामग्रियों का करें इस्तेमाल

होलिका दहन होने के बाद होलिका में कच्चे आम, नारियल, भुट्टे या सप्तधान्य, चीनी के बने खिलौने, नई फसल का कुछ भाग- गेहूं, चना, जौ भी अर्पित कर स्वयं भी पूरे परिवार सहित प्रसाद ग्रहण करें. मान्यता है कि ऐसा करने से परिवार के सदस्यों को रोगों से मुक्ति मिलती है. घर की सुख-समृद्धि के लिए होली की पवित्र भस्म को घर में रखें.

यहां पढ़ें होलिका मंत्र

‘असृक्पाभयसंत्रस्तै: कृता त्वं होलि बालिषै:। अतस्तवां पूजायिष्यामि भूते भूतिप्रदा भव।।’ का उच्चारण करते हुए होलिका की सात परिक्रमा करें. इसी मंत्र के साथ होलिका को अर्घ्य भी दें. चौराहे पर होलिका दहन होने के बाद वहां से लाई हुई अग्नि से होलिका दहन करें. फिर लोटे का शुद्ध जल और पूजन की अन्य सभी वस्तुओं को श्रद्धाभाव से एक-एक करके होलिका में समर्पित करें.

ऐसे करें होलिका का पूजन

होलिका दहन के दिन लोग व्रत रखते हैं. दोपहर को होलिका को पूजने जाते हैं. एक थाली में 1 घंटी पानी, कच्चा सूत, हल्दी, चावल, थोड़ा सा आटा, गुड़, दाल, घी, 8 पूरी, हलवा, छोटी-छोटी गुझिया, दीपक, गुलरियो की माला, 1 रुपया, नमक की डेली रखकर होलिका की पूजा करते हैं. होली पूजन करके घर आते हैं, फिर भोजन करते हैं. उसके बाद अपने घर के आंगन में होलिका की स्थापना करते हैं.

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