Gyanvapi Masjid Case: ज्ञानवापी विवाद में आज फिर होगी जिला अदालत में सुनवाई, आ सकता है बड़ा फैसला
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 19 Dec 2022 10:29 AM
भगवान आदि विश्वेश्वर विराजमान मामले को लेकर आज दोपहर 2 बजे से जिला जज की अदालत में सुनवाई होगी. डॉ अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में किरण सिंह बिसेन की याचिका पर सुनवाई चल रही है. आदि विश्वेश्वर केस में प्रतिवादी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से जिला अदालत में रिवीजन पर सुनवाई होगी.
Varanasi News: वाराणसी के ज्ञानवापी विवाद को लेकर सुनवाई का सिलसिला लगातार जारी है. इस क्रम में आज भगवान आदि विश्वेश्वर विराजमान मामले को लेकर दोपहर 2 बजे से जिला जज की अदालत में सुनवाई होगी. डॉ अजय कृष्ण विश्वेश की कोर्ट में किरण सिंह बिसेन की याचिका पर सुनवाई चल रही है. आदि विश्वेश्वर केस में प्रतिवादी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से 7/11 की रिवीजन पर सुनवाई होगी.
वहीं दूसरी ओर ज्ञानवापी स्थित श्रृंगार गौरी पूजा अनुमति के खिलाफ याचिका पर हिंदू पक्ष की बहस शुक्रवार को पूरी हो गई. मामले की अगली सुनवाई 21 दिसंबर को होगी. इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस जेजे मुनीर अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की याचिका की सुनवाई कर रहे हैं.
दरअसल, श्रृंगार गौरी केस को लेकर मुस्लिम पक्ष की ओर से वाराणसी की जिला अदालत के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनौती दी गई है. इंतजामिया कमेटी ने 12 सितंबर को जिला जज वाराणसी की कोर्ट से अर्जी खारिज किए जाने के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट में चुनौती दी है. जिला जज की कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष द्वारा दाखिल की गई आपत्ति को खारिज करते हुए कहा था कि श्रृंगार गौरी की नियमित पूजा की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की जा सकती है. जिला जज वाराणसी के इसी फैसले को मस्जिद कमेटी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी है. मामले की अगली सुनवाई 21 दिसंबर को निर्धारित है.
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श्रृंगार गौरी मामले में हिंदू पक्ष के अधिवक्ता विष्णु जैन ने आरोप लगाया कि, मंदिर तोड़कर मस्जिद का आकार दिया गया. वह मंदिर का हिस्सा है, मस्जिद का नहीं, क्योंकि जहां तीनों गुंबद मौजूद हैं, वहीं पर ध्वस्तीकरण के समय श्रृंगार गौरी, हनुमान और कृति वासेश्वर महादेव की मूर्ति थी, जो स्वयंभू भगवान विश्वेश्वर नाथ मंदिर का हिस्सा था. वहीं वादी राखी सिंह की ओर से अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने स्कंद पुराण का उल्लेख किया. साथ ही कहा कि पंचकोसी परिक्रमा मार्ग में आने वाले मंदिरों का उल्लेख है. उनके पूजा का विधान भी है.
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