ज्ञानवापी केस: 30 साल बाद व्यास तहखाने में मिला नियमित पूजा का अधिकार, हिंदू पक्ष की बड़ी जीत
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 31 Jan 2024 4:47 PM
gyanvapi masjid case: ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यास जी के तहखाने में पूजा पाठ कराने का कार्य काशी विश्वनाथ ट्रस्ट करेगा. कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए जिला प्रशासन को 7 दिनों के अंदर व्यवस्था करने के लिए आदेश दिया है. तहखाने में नियमित पूजा होगी.
उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिला अदालत ने बुधवार को ज्ञानवापी परिसर में स्थित व्यास जी के तहखाने में हिंदुओं को पूजा-पाठ करने का अधिकार देने का आदेश दे दिया. हिंदू पक्ष के वकील मदन मोहन यादव ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि जिला न्यायाधीश अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने तहखाने में पूजा पाठ करने का अधिकार व्यास जी के नाती शैलेन्द्र पाठक को दे दिया है.
तहखाने में पूजा पाठ कराने का कार्य काशी विश्वनाथ ट्रस्ट के जिम्मे
ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यास जी के तहखाने में पूजा पाठ कराने का कार्य काशी विश्वनाथ ट्रस्ट करेगा. कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए जिला प्रशासन को 7 दिनों के अंदर व्यवस्था करने के लिए आदेश दिया है. तहखाने में नियमित पूजा होगी.
#WATCH | Petitioners & Advocates representing the Hindu side in the Gyanvapi case show a victory sign after the court grants permission for puja in the 'Vyas Ka Tekhana'. pic.twitter.com/udzisYReXF
— ANI (@ANI) January 31, 2024
नंदी महाराज के सामने से रास्ता खोला जाएगा
व्यास तहखाना नंदी जी के सामने स्थित है. हिंदू पक्ष के वकील मदन मोहन यादव ने बताया कि ज्ञानवापी के सामने बैठे नंदी महाराज के सामने से रास्ता खोला जाएगा.
नवंबर 1993 से था पूजा बंद
हिंदू पक्ष की बड़ी जीत इसलिए बताया जा रहा है, क्योंकि व्यास तहखाने में नवंबर 1993 के बाद से पूजा-पाठ बंद था. लेकिन जब कोर्ट ने पूजा करने का आदेश दे दिया है, तो हिंदू पक्ष के लोग बहुत खुश है. कोर्ट के फैसले का ऐतिहासिक बताया जा रहा है. हिन्दू पक्ष का कहना था कि नवंबर 1993 तक सोमनाथ व्यास जी का परिवार उस तहखाने में पूजा पाठ करता था, जिसे तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार के शासनकाल में बंद करा दिया गया था.
ज्ञानवापी के वुजूखाना के सर्वेक्षण मामले में इंतेजामिया कमेटी को नोटिस
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राखी सिंह की पुनरीक्षण याचिका पर ज्ञानवापी मस्जिद की अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी को बुधवार को नोटिस जारी किया. वादी राखी सिंह ने वाराणसी की अदालत द्वारा 21 अक्टूबर 2023 को सुनाये गये उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उसने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के भीतर कथित शिवलिंग को छोड़कर वुजूखाना का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से सर्वेक्षण कराने का निर्देश देने से मना कर दिया था. अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी को यह नोटिस न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की अदालत द्वारा जारी किया गया.
राखी सिंह की याचिका में क्या है खास
राखी सिंह, शृंगार गौरी पूजा अर्चना मुकदमे में वादकारियों में से एक है और यह मुकदमा वाराणसी की जिला अदालत में लंबित है. वाराणसी की अदालत में दाखिल अपनी याचिका में राखी सिंह ने प्राथमिक दलील दी थी कि विवादित संपत्ति का धार्मिक चरित्र तय करने के लिए शिवलिंग को छोड़कर वुजूखाना का सर्वेक्षण कराना आवश्यक है. राखी सिंह की याचिका खारिज करते हुए वाराणसी के जिला जज ने अपने आदेश में कहा था कि 17 मई 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने उस क्षेत्र का उचित संरक्षण का निर्देश दिया था जहां कथित शिवलिंग पाया गया था. इसलिए एएसआई को उस क्षेत्र का सर्वेक्षण करने का निर्देश देना उचित नहीं है क्योंकि इससे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन होगा.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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