अयोध्याः 'कांग्रेस के कारण रामलला तंबू में...' महंत राजू दास का बड़ा बयान, दिग्विजय सिंह पर साधा निशाना

Published by : Pritish Sahay Updated At : 16 Jan 2024 11:36 AM

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अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर के पुजारी महंत राजू दास ने एक बार फिर कांग्रेस पर हमला बोला है. उन्होंने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के ट्वीट का जवाब देते हुए कहा है कि कांग्रेस के कारण रामलला इतने दिन एक तंबू में रहे. उन्होंने कहा कि इन्होंने भगवान राम को काल्पनिक साबित करने की कोशिश की.

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अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर के पुजारी महंत राजू दास का एक और विवादित बयान सामने आया है. इस बार उन्होंने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के ट्वीट पर पलटवार किया है. पुजारी महंत राजू दास ने कहा है कि यह कांग्रेस की वजह से है कि यह मुद्दा इतने लंबे समय तक चला. कांग्रेस ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए भगवान राम को काल्पनिक साबित करने की कोशिश की. उन्होंने भगवान राम को तंबू में रखा. कांग्रेस ने दिल्ली में गायों और हिंदू संतों को गोली मारी. उन्होंने कई बार सनातन धर्म को नीचा दिखाने की कोशिश की है. ये वही दिग्विजय सिंह हैं जिन्होंने अपनी किताब में लिखा था कि हिंदू संत बोको हराम से भी ज्यादा उग्रवाद फैला रहे हैं. यह कांग्रेस पार्टी और दिग्विजय सिंह ही हैं जिन्होंने ‘भगवा आतंकवाद’ शब्द गढ़ा है.

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए हनुमानगढ़ी मंदिर के पुजारी महंत राजू दास ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्होंने कहा कि जहां कोर्ट ने आदेश दिया था वहां मंदिर नहीं बन रहा है. फिर कहां बन रहा है? सोनिया गांधी और राहुल गांधी को आकर बताना चाहिए. राजू दास ने कहा कि मंदिर का ठीक उसी जगह पर निर्माण हो रहा है जिसके लिए हम लड़ रहे थे.

गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और अधीर रंजन चौधरी ने अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण को ठुकरा दिया था. इसपर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा था कि कितने आमंत्रित लोगों ने निमंत्रण स्वीकार किया है..? निमंत्रण को किसी भी स्थापित धर्म गुरु ने निमंत्रण स्वीकार नहीं किया है. उन्होंने अधूरे निर्माण पर अपनी आपत्ति जताई है. दिग्विजय सिंह ने कहा था कि जिस मंदिर का निर्माण अधूरा हो, वहां किसी भी मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा नहीं की जा सकती, यह अशुभ माना जाता है. वहीं इस बयान के जवाब में हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने पलटवार करते हुए कहा था कि जहां प्राण प्रतिष्ठा होनी है वह जगह पूरी है.

कौन हैं महंत राजू दास

बता दें महंत राजू दास अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर के पुजारी हैं. अपने बयानों के कारण वो अक्सर सुर्खियों में रहते हैं. इससे पहले भी महंत राजू दास ने समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया समेत कई और नेताओं के खिलाफ विवादित बयान दिया था. सिद्धारमैया के नाम को लेकर तंज कसते हुए राजू दास ने कहा था कि सिद्धारमैया के बस नाम में ही राम है, लेकिन उनके काम कालनेमि वाले हैं.

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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