दलित छात्र की मौत के बाद इलाहाबाद में उबाल, आक्रोशित छात्रों ने बस फूंकी, मायावती ने चिंतित

By Prabhat Khabar Digital Desk
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इलाहाबाद : इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कानून के छात्र की पीट-पीट कर हत्या किये जाने के विरोध में आक्रोशित छात्रों ने सोमवार को एक बस में आग लगा दी. आक्रोशित छात्रों ने कर्नलगंज थाना क्षेत्र में बैंक रोड पर उग्र प्रदर्शन करते हुए बस में तोड़फोड़ की. उसके बाद बस में आग लगा दी. मालूम हो कि शहर के ओल्ड कटरा इलाके में शुक्रवार को दबंगों ने प्रतापगढ़ निवासी इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र दिलीप सरोज की बेरहमी से पीट-पीट कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया, जिसकी इलाज के दौरान रविवार को मौत हो गयी. घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फूटेज के आधार पर छह लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करते हुए मुख्य आरोपित के सहयोगी मुन्ना चौहान को गिरफ्तार कर लिया. वहीं, मुख्य आरोपित की पहचान रेलवे के टीटीई के रूप में की है.

मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी और मृत छात्र के परिजनों को मुआवजा देने की मांग को लेकर छात्रों ने समाजवादी छात्र सभा और आईसा के बैनर तले इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एसएसपी कार्यालय तक जुलूस निकाला. इसके बाद एसएसपी के कार्यालय पहुंच कर नारेबाजी भी की. उग्र छात्रों को स्थानीय व्यापारियों का साथ मिला.

दलित छात्र की मौत के बाद राजनीति शुरू

दलित छात्र दिलीप सरोज की पीट-पीट कर हुई हत्या के बाद सूबे में सियासत गरमाने लगी है. बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने दुख जताते हुए प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडलइलाहाबाद भेजा है. बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि होनहार एलएलबी छात्र की हत्या पूरे दलित समाज के लिए चिंता की बात है.

क्या है मामला

घटना के संबंध में सिटी एसपी सिद्धार्थ ने बताया कि सरोज के दोस्त समीर ने शुक्रवार की शाम को एक रेस्टोरेंट में पार्टी आयोजित की थी. खाने का ऑर्डर देकर सभी रेस्टोरेंट की सीढ़ियों पर बैठ गये. उसी समय विजय शंकर सिंह अपने दोस्तों के साथ रेस्टोरेंट पहुंचा. सीढ़ी पर चढ़ने के समय विजय का पैर सरोज से टकरा गया. इसी बात को लेकर दोनों के बीच शुरू हुई तू-तू, मैं-मैं, मारपीट में बदल गयी. दोनों पक्ष के सदस्यों ने एक-दूसरे पर हमला बोल दिया. इसी दौरान एक कुर्सी वेटर मुन्ना चौहान को लग गयी, इसके बाद उसने सरोज को रड से मारना शुरू कर दिया. सरोज ने भागने की कोशिश की, लेकिन वह बेहोश होकर सीढ़ियों पर ही निढाल हो गया. बेहोश होकर गिरने के बावजूद आरोपित उसे रड और पत्थर से मारते रहे. रेस्टोरेंट के मालिक ने किसी तरह घायल को स्वरूपरानी अस्पताल में भरती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे कोमा (ब्रेन डेड) में होना बताया. बाद में सरोज के भाई ने उसे निजी अस्पताल में भरती कराया, जहां उसकी मौत हो गयी.

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