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Agra: क्या हम आतंकवादी हैं जो पुलिस वेरिफिकेशन कराए - ASI के नये नियम पर भड़के आगरा के बुजुर्ग

आपको बता दें कि स्थानीय लोग आगरा रामबाग पार्क में पिछले 20 सालों से रोज सुबह योग व व्यायाम करने जाते हैं. जिसके लिए वह ASI द्वारा जारी किए गए पास से प्रवेश करते थे जिसकी कीमत सालाना 35 रूपए थी. एएसआई ने अब इस पास की कीमत 50 रूपए महीना व 600 रूपए सालाना कर दिया है.

By Prabhat Khabar Digital Desk, Agra
Updated Date
रामबाग पार्क में योग करने आए लोग
रामबाग पार्क में योग करने आए लोग
प्रभात खबर

Agra News: "भारतीय पुरातत्व विभाग ने रामबाग में सुबह योगा करने वाले लोगों के लिए आतंकवादियों जैसे नियम लागू कर दिए हैं". ये हम नहीं पार्क में जाने वाले बड़े बुजुर्ग कह रहे हैं. एएसआई ने रामबाग पार्क में सुबह योग करने के लिए पास अनिवार्य कर दिया है.बता दें कि इस पास को बनवाने के लिए पुलिस वेरिफिकेशन भी करानी पड़ेगी. पार्क में योगा करने वाले बुजुर्गों ने अब यह मांग कि है कि पुलिस वेरिफिकेशन खत्म हो और पास का सालाना मूल्य कम की जाए. लेकिन एएसआई के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही. इन लोगों ने कई बार क्षेत्रीय विधायक और जनप्रतिनिधियों से भी शिकायत की है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.

आपको बता दें कि स्थानीय लोग आगरा रामबाग पार्क में पिछले 20 सालों से रोज सुबह योग व व्यायाम करने जाते हैं. जिसके लिए वह ASI द्वारा जारी किए गए पास से प्रवेश करते थे जिसकी कीमत सालाना 35 रूपए थी. एएसआई ने अब इस पास की कीमत 50 रूपए महीना व 600 रूपए सालाना कर दिया है. रामबाग पार्क में सालों से योग कर रहे सुधीर गुप्ता ने बताया कि पहले हम पार्क में आने के लिए 35 रूपए सालाना चुकाते थे, जिसके बाद कोरोना आ गया तो पार्क को बंद कर दिया गया. करीब 3 साल तक पार्क के बंद रहने के बाद उसे फिर से खोला गया तो हमने फिर से पार्क में योग करने के लिए आवेदन किया. लेकिन इस बार एएसआई ने जारी किए जाने वाले पास के ऊपर 50 रूपए महीना व 600 रूपए सालाना का शुल्क लगा दिया है.

पुरातत्व विभाग ने बढ़ाया किराया 

पार्क में योगा करने वाले लोगों ने कहा कि हम सब बुजुर्ग लोग हैं, रिटायर लोग हैं, ऐसे में इतनी कीमत हम कैसे वहन करेंगे. वहीं एएसआई ने पास के लिए पुलिस वेरिफिकेशन आवश्यक कर दिया है. हम सभी अधिकतर सरकारी नौकरी से रिटायर हैं. हमारे पास आधार कार्ड भी है फिर हमें पुलिस वेरिफिकेशन की क्या आवश्यकता है. स्थानीय लोगों ने कहा कि पुलिस वेरिफिकेशन कराना कोई हंसी खेल नहीं है, क्योंकि आपको पता है कि पुलिस से काम कराने के लिए कितना संघर्ष करना पड़ता है.

इंडस्ट्रियल एरिया नुनिहाई के रहने वाले राजेंद्र चौधरी का कहना है कि हम सालों से रामबाग पार्क में व्यायाम और योग करने के लिए आते हैं. लेकिन 2015 से एएसआई ने पास बनाना बंद कर दिया और फिर कोविड के समय में रामबाग पार्क को भी बंद कर दिया गया. अब एसआई का कहना है कि आपको 50 रूपए महीना शुल्क देना पड़ेगा और पुलिस वेरिफिकेशन कराना पड़ेगा. जबकि हम 100 रूपए सालाना खर्च करने को तैयार है लेकिन 50 रूपए महीना नहीं दे पाएंगे. पुलिस वेरिफिकेशन पर उन्होंने कहा कि यहां पर पर्यटक मात्र टिकट पर ही पूरे दिन रुकते हैं, उनका पुलिस वेरिफिकेशन नहीं किया जाता. तो क्या हम आतंकवादी हैं जो हमारा पुलिस वेरिफिकेशन किया जा रहा है.

 पुरातत्व विभाग ने दी यह दलील

भारतीय पुरातत्व विभाग के अधिकारी राजकुमार पटेल का कहना है कि रामबाग पार्क की 600 रूपए सालाना फीस नहीं है और पुलिस वेरिफिकेशन के लिए एएसआई ने निर्देश नहीं दिए बल्कि यह निर्देश केंद्र सरकार द्वारा दिए गए हैं. जिनका पालन करना आवश्यक है. इसमें एएसआई कोई भी बदलाव नहीं कर सकता. इसके लिए कई बार इन लोगों ने मुलाकात की है और इनको साफ तौर पर नियम ना बदल पाने के लिए निर्देशित कर दिया गया है.

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